रांची। हाइकोर्ट ने दिवंगत होमगार्ड के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का आदेश दिया है। दरअसल, साल 2014 में होमगार्ड जवान तारिणी कुमार ज्योतिषी की ड्यूटी से घर जाने के दौरान मौत हो गयी थी। तारिणी के परिजनों ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग की थी।
लेकिन सरकार ने उनकी मांग नहीं सुनी। इसके बाद दिवंगत होमगार्ड के बेटे राकेश कुमार ने हाइकोर्ट की शरण ली। हाइकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अंबुज नाथ की कोर्ट में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज चौबे ने बहस की। कोर्ट ने मनोज चौबे की दलील से सहमत होकर दिवंगत होमगार्ड के आश्रित बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का आदेश दिया।