रांची। हाइकोर्ट ने कहा है कि चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत पर तब तक विचार नहीं किया जा सकता, जब तक इसके समर्थन में अन्य डॉक्टर साक्ष्य न दें। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी शिकायत पर तब तक विचार नहीं किया जा सकता, जब तक कि आरोपी डॉक्टर की लापरवाही के समर्थन में किसी अन्य डॉक्टर की विश्वसनीय राय के रूप में प्रथम दृष्टया साक्ष्य प्रस्तुत न किया जाये। दरअसल धनबाद के डॉक्टर सुमन कुमार पाठक के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। डॉ सुमन की याचिका पर हाइकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में सुनवाई हुई।

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