रांची: झारखंड में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के आंकड़े एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में इस समय कुल 3,91,944 लोग रोजगार पाने के लिए विभिन्न नियोजन कार्यालयों में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) हैं। इन आंकड़ों में नौकरी की रेस में पुरुषों की संख्या महिलाओं से काफी आगे है। कुल पंजीकृत लोगों में 2,66,711 पुरुष, 1,25,209 महिलाएं और 24 ट्रांसजेंडर शामिल हैं, जो काम की तलाश में भटक रहे हैं।
20 से 39 वर्ष के युवा सबसे ज्यादा परेशान
उम्र के लिहाज से देखा जाए तो सबसे कामकाजी और युवा वर्ग ही नौकरी के लिए सबसे ज्यादा कतार में है। 20 से 39 वर्ष की उम्र के 3,22,916 युवा रोजगार की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा 19 वर्ष तक की उम्र के 29,686 किशोर और 40 वर्ष से अधिक उम्र के 39,342 लोग भी आजीविका के लिए काम ढूंढ रहे हैं।
वर्ग (Category) के अनुसार, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से सबसे अधिक 96 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद सामान्य वर्ग (General) के 77 हजार से अधिक उम्मीदवार हैं। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), BC-1, BC-2 और EBC वर्ग के भी हजारों युवा शामिल हैं।
जिलावार स्थिति: पलामू में सबसे बुरा हाल
रोजगार पंजीकरण के मामले में जिलावार आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। पलामू जिला इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां रिकॉर्ड 44,088 बेरोजगार पंजीकृत हैं। औद्योगिक और बड़े शहरों की बात करें तो बोकारो 36,847 बेरोजगारों के साथ दूसरे और धनबाद 34,992 के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम में 33,173 और राजधानी रांची में 30,351 लोग नौकरी की तलाश में हैं।
इसके विपरीत, सिमडेगा जिले में सबसे कम यानी महज 4,734 लोगों ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया है। कम बेरोजगारी वाले अन्य जिलों में देवघर (5,107), खूंटी (5,890), चतरा (6,020) और कोडरमा (6,886) शामिल हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि राज्य में रोजगार सृजन और नए अवसरों की कितनी सख्त जरूरत है।



