रांची: सावन माह की शुरुआत से पहले रांची जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने रविवार को पहाड़ी बाबा मंदिर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सावन के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन, पूजा-अर्चना और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी निर्माण और विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मंदिर तक जाने वाली सीढ़ियों, शौचालय निर्माण, बैठने की व्यवस्था, पेवर ब्लॉक, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्यों को समय पर पूरा करें।
उपायुक्त ने कहा कि पहाड़ी बाबा मंदिर रांची की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए मंदिर परिसर और पहुंच मार्ग को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सीढ़ी मार्ग पर पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित आवागमन, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए जिला प्रशासन ने सावन के दौरान मंदिर परिसर में शीशे से बनी किसी भी प्रकार की पूजन सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूजा में कांच या शीशे की वस्तुओं का उपयोग न करें। साथ ही आसपास के दुकानदारों से भी ऐसी सामग्री की बिक्री नहीं करने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।
निरीक्षण के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने पहाड़ी बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर राज्य और रांचीवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और मंदिर समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।



