धनबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह धनबाद में कोयला कारोबार से जुड़े करीब 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में धनबाद के डिप्टी मेयर अरुण चौहान, उनके भाई हरेंद्र चौहान, कारोबारी एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह, डीके सिंह, अकाउंटेंट रितेश शर्मा और चार्टर्ड अकाउंटेंट डीएन सिन्हा एंड कंपनी सहित कई लोगों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है।
छापेमारी के दौरान एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह के आवास पर ईडी अधिकारियों को अंदर प्रवेश करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया गया कि परिवार के सदस्य घर का दरवाजा बंद कर अंदर बैठे थे। काफी प्रयास के बाद दरवाजा खुलवाया गया, जिसके बाद जांच एजेंसी ने तलाशी अभियान शुरू किया।
ईडी की कार्रवाई में शामिल रितेश शर्मा को कोयला कारोबारियों का अकाउंटेंट बताया जाता है, जबकि डीएन सिन्हा एंड कंपनी कई कोयला व्यापारियों के आयकर रिटर्न दाखिल करने का कार्य करती है। वहीं, डिप्टी मेयर अरुण चौहान और उनके भाई हरेंद्र चौहान का भी कोयला कारोबार से जुड़ा बड़ा व्यवसाय बताया जाता है।
यह पहली बार नहीं है जब कारोबारी एलबी सिंह जांच एजेंसियों के रडार पर आए हैं। इससे पहले भी ईडी उनके ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। आयकर विभाग ने भी पूर्व में उनके यहां कार्रवाई की थी, जिसमें उनके एक बैंक खाते में लगभग 100 करोड़ रुपये मिलने का दावा किया गया था। उस राशि को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया था, हालांकि बाद में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद एलबी सिंह को यह रकम वापस मिल गई थी।
ईडी ने इस कार्रवाई में कारोबारी अनिल गोयल से जुड़े कई लोगों को भी जांच के दायरे में लिया है। इनमें गणेश यादव, रोहित यादव, माधव सिंह, लक्ष्मण दूबे उर्फ पप्पू दूबे, पप्पू मंडल, इम्तियाज अली, महेंद्र प्रसाद सिंह तथा महुदा हार्ड कोक से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इनमें से कुछ लोग कोयला कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित वसूली नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



