रांची. लोकसभा चुनाव की तैयारियों के साथ झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) का दो दिवसीय कार्यसमिति बैठक रविवार को संपन्न हो गई। पार्टी ने 2019 के लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव को देखते हुए एक साथ एक कई कार्यक्रम तय किए हैं। इसमें पार्टी ने 6 विधायकों की खरीद-फरोख्त को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने का निर्णय लिया गया है। ये जानकारी पार्टी प्रधान महासचिव प्रदीप यादव ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति को देखते हुए गठबंधन तय है। मगर इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने के लिए पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को अधिकृत कर दिया गया है। वो जो तय करेंगे, पूरी पार्टी के लिए वह मान्य होगा।
सरकार के केवल चंद कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही: प्रदीप यादव
उन्होंने कहा कि देश एवं राज्य में वर्ष 2019 में एक जनकल्याणकारी, समाजिक ताना-बाना को मजबूत करने वाली एवं विकास के साथ न्याय करने वाली सरकार बनाने का संकल्प प्रकट करती है। विगत चार वर्षों में प्रमाणित हो गया कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के केवल चंद कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है। इस मौके पर पार्टी केद्रीय महासचिव बंधु तिर्की, केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा, संतोष कुमार, केद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।
घुसपैठ का पार्टी करती है विरोध, मगर इसको लेकर एक वर्ग को टारगेट ना किया जाए
प्रदीप यादव ने कहा कि उनकी पार्टी देश एवं राज्य सीमा के भीतर किसी भी तरह का घुसपैठ का विरोध करती है। मगर इसको लेकर हो रही राजनीति एवं किसी एक खास वर्ग को टारगेट करने का विरोध करती है। यूपीए शासनकाल में कुल 82,823 घुसपैठियों को बाहर किया गया। मगर कोई राजनीति नहीं हुई। वहीं, मोदी सरकार में चार साल में महज 1822 घुसपैठियों को बहार किया मगर राजनीति अधिक हो रही है।
सांगठनिक एवं चुनावी कार्यक्रम सहित कई कार्यक्रम तय
पार्टी ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए कई कार्यक्रम तय किए हैं। प्रदीप यादव ने बताया कि अब तक कोडरमा, चतरा, धनबाद, गोड्डा में लोकसभा स्तरीय सम्मेलन हो चुका है। 19 अगस्त को रांची में आदिवासी सम्मेलन, 23 सितंबर को पलामू, 28 सितंबर को हजारीबाग, 29 अगस्त को कोडरमा, 1 अक्तूबर को दिल्ली में रहने वाले पार्टी समर्थकों का सम्मेलन होगा। 16 अगस्त से रथ यात्रा निकालकर पार्टी पोल खोल, हल्ला बोल कार्यक्रम करेगी। इसके साथ ही संगठन को लेकर ग्राम प्रभारी, टोला प्रभारी, मुहल्ला प्रभारी, बूथ प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी। यह काम दशहरा से पहले होगा। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाएगा।