रांची. झारखंड विकास मोर्चा द्वारा हरमू मैदान में आदिवासी महासम्मेलन का आयोजन रविवार को किया गया। इस सम्मेलन में रांची जिला के सभी प्रखंडों व रांची शहर से हजारों की संख्या में आदिवासियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पूर्व सीएम व पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आदिवासियों की संख्या में झारखंड में लगातार घट रही है। 36 से घटकर 26 पर पहुंच गई है। वर्तमान भाजपा सरकार अगर अधिक दिनों तक रही तो एक दिन आदिवासी किताबों में सिमट कर रह जाएंगे। क्योंकि यह सरकार आदिवासियों को उजाड़ने का काम कर रही है।

अगर भाजपा आदिवासी हितैषी है, हिम्मत है तो सरना धर्म कोड लागू करें : बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर मिशनरी नहीं होते तो आदिवासियों को भगा दिया जाता। इसलिए सरकार सरना-इसाई के नाम पर बांटने का खेल बंद करे, अगर भाजपा आदिवासी हितैषी है, हिम्मत है तो सरना धर्म कोड लागू करें। उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड में अब तक 30 लाख एकड़ जमीन अधिग्रहण हुआ। 35 लाख से अधिक विस्थापित हुए। केंद्रीय भूमि अधिग्रहण कानून कहता है कि अगर जमीन का इस्तेमाल पूरा नहीं हुआ तो उसे रैयतों को वापस किया जाएगा। इसलिए सरकार एचईसी की जमीन सबलीज पर लेना बंद करें। इसे रैयतों को वापस किया जाए और नई राजधानी किसी अन्य जगह बनाया जाए। क्योंकि सरकारी एवं बंजर जमीन की कमी नहीं है।

बाहरियों को हमारी कृपा पर रहना होगा झारखंड में : प्रदीप यादव
झाविमो विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने कहा कि 2019 की लड़ाई बहुत ही निर्णय नायक एवं आर-पार की होगी। क्योंकि केंद्र में मोदी ने और राज्य में उनके चेले रघुवर दास ने आदिवासी, दलित, किसानों को उजाड़ने का काम किया है। भाजपा भागेगा तभी झारखंड एवं आदिवासी बचेंगे। रघुवर दास कहते हैं कि दरोगा में 80 प्रतिशत झारखंडियों की नौकरी हुई, जबकि सच्चाई यह है कि 180 सीट आदिवासियों की खाली रह गई। यह राज्य भगौड़े के लिए नहीं बनी है। बाहरियों को यहां पर हमारी कृपा पर रहना होगा नहीं तो वे अपने प्रदेश वापस चलें जाएं।

छात्रावास खाली कराया गया तो रघुवर का आंख नोच लेंगे: बंधु
पार्टी केंद्रीय महासचिव बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासी अपने ही घर में संकट में से घिर चुके हैं। भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून, धर्मांतरण कानून, सरना-इसाई विवाद के जरिए चौतरफा हमला हो रहा है। एक तो सरकार छात्रवृति राशि में कटौती कर दी ऊपर से अब छात्रावास में रहकर जो प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें खाली कराने का आदेश दे रही है। कोई छात्रावास खाली नहीं करेगा। अगर ऐसा हुआ तो रघुवर दास की आंख नोच लेंगे। रघुवर दास को छत्तीसगढ़ भगा कर ही 2019 में दम लेंगे। उन्होंने मिशनरी ऑफ चैरिटी पर हो रहे प्रहार की निंदा करते हुए कहा कि सरकार में दम है तो विकास भारती की गतिविधियों की जांच कराए।

मेडिका के चिकित्सक अमित मुंडा पार्टी में शामिल : मेडिका के चिकित्सक अमित मुंडा कार्यक्रम में पार्टी में शामिल हो गए। इनके पिता 1952 में पोटका से विधायक रह चुके हैं।

22 सूत्री प्रस्ताव पारित : कार्यक्रम में 22 सूत्री मांग प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें सरना धर्म कोड लागू करने, स्थानीय नीति वापस करने, धर्म स्वतंत्रता विधायक 2017 वापस लेने, भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल वापस लेने, लैंड बैंक बंद करने, सरना इसाई के नाम पर आदिवासियों को बांटने का प्रयास बंद करने, पांचवीं अनुसूची को लागू करने, गैस लाइन एवं जल पाइप लाइन विधायक वापस लेने, सरकारी विद्यालय को मर्जर के नाम पर बंद करने निर्णय वापस लेने आदि शामिल हैं।

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