रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के उस बयान को निराधार बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार इसाई मिशनरी संगठनों के खिलाफ दमनकारी रवैया अपना रही है। श्री शाहदेव ने कहा कि 88 गैर सरकारी इसाई संस्थाओं के खिलाफ जो कार्रवाई जांच चल रही है, वह केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुशंसा पर हो रही है।

क्या कहा शाहदेव ने : श्री शाहदेव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय फॉरेन फंडिंग पर नजर रखनेवाली नोडल एजेंसी है। उसने राज्य सरकार को पत्र लिखकर विदेशों से पैसा प्राप्त करनेवाली 88 एनजीओ के कार्यकलापों की गहराई से जांच कराने की अनुशंसा की थी। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के आधार पर इन संस्थाओं की सीआइडी जांच शुरू करायी। श्री शाहदेव ने कहा कि आर्चबिशप का यह बयान भी बिल्कुल निराधार है कि एनजीओ को सिर्फ 24 घंटे का समय दिया गया। उन्होंने कहा की 15 जून के पहले ही इन संस्थाओं को पत्र लिखकर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया था। मगर 2-3 को छोड़कर किसी ने भी जांच में सहयोग नहीं किया। अंतत: एनजीओ को 24 घंटे का नोटिस देना पड़ा। सीआइडी की जांच न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है और इसको अवरुद्ध करने का किसी को हक नहीं है। श्री शाहदेव ने आश्चर्य व्यक्त किया कि आखिर किस सच्चाई के सामने आने से इसाई मिशनरी संस्थाएं इतना घबरा रही हैं। जांच में सबको सहयोग करना चाहिए। ऐसे भी सभी धर्मों का सिद्धांत है कि सांच को आंच नहीं आती। फिर किन कारणों से जांच में रोज नये अवरोध पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी की पूरी दाल काली है।

विपक्ष जनता को भड़का रहा : वर्णवाल  भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा कि विपक्ष ने अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस का बहाना बना कर जिलों में जाकर आदिवासियों और मूलवासियों को बांटने का काम किया है। वर्णवाल ने कहा कि जब झारखंड मुक्ति मोर्चा को सरकार बनाने का मौका मिला, चाहे वह शिबू सोरेन हों,  या फिर हेमंत सोरेन हों या कांग्रेस को जब मौका मिला, मधु कोड़ा के माध्यम से सरकार चलायी और तीनों ने अपने-अपने अंदाज में झारखंड को लूटने का काम किया।झारखंडवासियों को गरीबी में धकेलने का काम किया। उस वक्त किस प्रकार जमीन का खेल हुआ, यह सर्वविदित है।  आज जब वही पार्टियां विपक्ष में हैं, तो घड़ियाली आंसू बहा कर आदिवासियों और मूलवासियों के बीच जाकर नाटक कर रही हैं। कहा कि भाजपा शुरू से ही पत्थलगढ़ी की आड़ में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ  रही है। विपक्ष लगातार अवैध पत्थलगढ़ी का  समर्थन करता रहा है। अब विपक्ष की पोल खुल रही है,  जब वहां के स्थानीय  ही पत्थलगढ़ी का विरोध कर रहे हैं।  इससे साफ है कि विपक्ष सिर्फ और सिर्फ ढोंग रचकर राज्य को खोखला करना चाहता था ।

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