रामजन्मभूमि के 70 एकड़ परिसर का डिजाइन दस्तावेज रूप में तैयार हो गया है। मंदिर निर्माण समिति की मुहर लगने के बाद ड्राफ्ट को लेकर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बीती रात यहां पहुंचे। बुधवार को उन्होंने इस नक्शे को लेकर मानस भवन में एलएण्डटी व जिला प्रशासन से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई।
इससे पहले उन्होंने बताया कि अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण में नक्शा दाखिल करने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि नक्शा दाखिल करने से पहले प्राधिकरण के प्रावधानों के अनुसार फायर, वन एवं नजूल के अलावा विभिन्न विभागों के अनापत्ति प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता है। इसके लिए पहले सभी विभागों को नक्शे की प्रतिलिपि भी प्रदान करनी होगी।
वन एवं नजूल समेत कुछ विभागों की अनापत्ति औपचारिक ही है लेकिन फायर व नागरिक उड्डयन आदि की अनापत्ति तकनीकी आधार पर है। इस लिए सम्बन्धित विभागों को समय चाहिए। 70 एकड़ परिसर का मानचित्र इतना व्यापक है कि यदि सभी विभागों के लिए इसकी प्रतिलिपि कराई जाएगी तो इसका वजन 15-20 किलो के आसपास हो जाएगा। नक्शे की हार्ड कॉपी के अलावा इसका डिजिटल स्वरूप भी तैयार कराया गया। इसकी थ्री डी पीएमओ के समक्ष भी प्रस्तुत की गयी और उत्तर प्रदेश शासन को भी भेजी गई है।
धन संचय के लिए ट्रस्ट जारी करेगा विज्ञापन
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि जल्द ही ट्रस्ट की ओर से सभी समाचार माध्यमों में विज्ञापन प्रसारित कर राम मंदिर निर्माण में जन सामान्य से सहयोग मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विज्ञापन से जन सामान्य तक अधिकृत सूचना पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि अभी विदेशी चंदे की आवश्यकता नहीं है। भविष्य में इस बारे में विचार किया जाएगा। फिलहाल भारतीय समाज से ही मंदिर निर्माण में सहयोग अपेक्षित है। भारतीय समाज की शक्ति का आकलन नहीं किया जा सकता है क्योंकि वह तन-मन और धन तीनों से ही समर्पित है।