झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। कांग्रेस के तीन विधायकों का बंगाल में गिरफ्तारी के बाद जिस तरह से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और हंगामे की उम्मीद थी, वह सदन के अंदर और बाहर नहीं हुआ। सदन के अंदर इस प्रकरण को दोनों पक्षों की ओर से ज्यादा तवज्जो नहीं दी गयी। वहीं सदन के बाहर भी एक-दो विधायकों को छोड़ दें, तो ज्यादातर इस प्रकरण पर बोलने कतरा रहे थे।
उधर, कोलकाता में सीआइडी के अधिकारी तीनों विधायकों से लगातार नगद राशि के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी तक तीनों विधायकों ने कोई संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं दिया है।
भानू के सवाल पर अध्यक्ष ने कसा तंज:
सदन में सत्र की पहली पाली में सुखाड़ पर भाजपा सदस्य हंगमा कर रहे थे। सबी सदस्य व्हेल में थे। इसी दौरान भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही ने पूछा कि कांग्रेस के तीन विधायक सदन में नहीं हैं। वो कहां हैं? भानु के इस सवाल पर अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने तंज कसते हुए कहा कि आप उन्हें कहां बुलाये थे? आप जहां बुलाये थे, वो वहीं हैं?
विनोद सिंह ने उठाया मामला:
सुखाड़ पर चर्चा के दौरान माले विधायक बिनोद सिंह ने कोलकाता में गिरफ्तार कांग्रेस के तीन विधायकों का मामला उठाया। उन्होनें कहा कि विधायकों ने इस कृत्य से सदन की गरिमा गिरी है। अभी मीडिया में रिपोर्ट आ रही है कि इस मामले में और भी विधायक शामिल थे। कहा कि विधायकों की खरीद फरोख्त हो रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। यह सदन की प्रतिष्ठा का सवाल है। ऐसे विधायकों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होनें अध्यक्ष से ऐसे काम करने वाले विधायकों पर कार्रवाई का आग्रह किया।
तीनों विधायक नहीं दे पा रहे जवाब:
विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और विल्सन कोंगाडी कोलकाता में सीआइडी की हिरासत में हैं। पश्चिम बंगाल के हावड़ा अंतर्गत पांचाल थाने से शुक्रवार देर शाम तीनों विधायक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से 49 लाख रुपये नकद मिले थे। इसके बाद मामले को सीआइडी को दे दिया गया। सीआइडी तीनों विधायकों से प्राप्त रुपये के बारे में जानकारी ले रही है। उनके कॉल डिलेट को खंगाला जा रहा है। अभी तक तीनों रुपये की बाबत संत्ुष्टिपूर्ण जवाब नहीं दे पाये हैं।