आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। राजधानी रांची में सब्जियों के बढ़े दाम ने लोगों के पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं। हाल ये है कि बाजार में गोभी 100 रुपये और बैंगन 80 रुपये किलो बिक रहे हैं। वहीं, जो प्याज पहले 28 से 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा था, अब वह 45 से 50 रुपये किलो बिक रहा है। रुगड़ा की कीमत 400 रुपये किलो है और भिंडी की कीमत 60 रुपये किलो है। हाल के दिनों में सब्जियों की कीमतों में अचानक वृद्धि आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है। बाजार में करेला 80 रुपये किलो मिल रहा है वहीं नेनुआ भी 60 से 80 रुपये किलो मिल रहा है।
इसलिए बढ़ी कीमतें
बाजार में सब्जियों की कीमतें बढ़ने के कई कारण हैं। बीते दिनों हुई बारिश के कारण सब्जी उत्पादकों के खेतों में लगी सब्जियां खराब हो गयीं। वहीं, खुदरा बाजार में प्याज और आलू की कीमतों में उछाल मुख्यत: महाराष्ट्र से आने वाली सप्लाई में कमी के कारण हुआ है। वहां फसल खराब होने के कारण, झारखंड में प्याज की आवक में कमी आई है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन पैदा हो गया है. इसके परिणामस्वरूप, बाजार में प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं।
सप्लाई चेन में आई रुकावट
रांची के सब्जी बाजार में एक विक्रेता ने बताया कि पहले जहां रोजाना 20 से 25 ट्रक प्याज और आलू आता था, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल 10 से 12 ट्रक रह गई है। इसका असर सीधा-सीधा बाजार की कीमतों पर पड़ा है. सप्लाई चेन में आई इस रुकावट के चलते आम जनता को प्याज और आलू की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि प्याज की कीमतों में इस वृद्धि का मुख्य कारण महाराष्ट्र में बारिश और फसल खराब होने के कारण उत्पादन में कमी है। इसके अलावा, प्याज का निर्यात भी प्रभावित हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता कम हो गई है।