मोदी से मुलाकात के लिए ओली ने किया था आग्रह, लिपुलेक का मुद्दा उठाने के बाद भारत ने नहीं दिया समय
काठमांडू। चीन के तियांजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के बीच संभावित मुलाकात अंतिमामय में आकर टाल दी गई है।
चीन में नेपाल के राजदूत कृष्ण प्रसाद ओली ने भारतीय प्रधानमंत्री के साथ नेपाल के प्रधानमंत्री ओली की साइडलाइन मुलाकात की संभावना न्यून होने की बात कही है। तियांजिंग में रहे भारतीय विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से नेपाली राजदूत संकेत दिया है कि अब भारत के प्रधानमंत्री मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री ओली से साइडलाइन मुलाकात नहीं करेंगे।
नेपाल के प्रधानमंत्री ओली के तरफ से भारतीय विदेश मंत्रालय के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ साइडलाइन मुलाकात के लिए समय मांगा था। दोनों देशों के अधिकारी इस मुलाकात के लिए लगभग सहमत हो गए थे और छोटे समय के लिए भी इस मुलाकात के लिए समय मिलाने का प्रयास कर रहे थे।
भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा चीन के राष्ट्रपति के समक्ष लिपुलेक का मामला उठाने के बाद अब इस मुलाकात का समय मिलाने का प्रयास छोड़ दिया गया है।
तियांजिन में मौजूद नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का भी कहना है कि भारतीय पक्ष से पहले मुलाकात को लेकर सकारात्मक बाते की जा रही थी लेकिन पिछले एक घंटे से अब मुलाकात की संभावना नहीं होने का संकेत दे दिया गया है।
भारत के लिपुलेक पर अपना दावा करने वाले नेपाल ने चीन के साथ हाल ही में हुए समझौते के उस अंश का विरोध किया था जिसमें लिपुलेक पास के जरिए व्यापारिक मार्ग शुरू करने की बात उल्लेख की गई थी।
चीन के राष्ट्रपति के साथ शनिवार को तियांजिन में हुई मुलाकात के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री ने अपनी आपत्ति जताई थी जिसके जवाब में चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि यह नेपाल और भारत के बीच का मसला है और इस विषय में चीन नहीं पड़ना चाहता है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ओली के इस कदम के बाद अब उनके प्रस्तावित भारत भ्रमण को लेकर भी संशय उत्पन्न हो गया है। प्रधानमंत्री ओली की सितंबर 16-17 को भारत भ्रमण की तारीख तय की गई थी। लेकिन अब इस भ्रमण के तत्काल नहीं होने की संभावना बढ़ गई है।