नई दिल्ली। भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था की पहचान बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपने संचालन के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने UPI की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए देशवासियों को बधाई दी।

UPI के 10 साल: प्रमुख बातें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI के 10 वर्ष पूरे होने पर इसे भारत के डिजिटल पेमेंट सफर का अहम पड़ाव बताया।
  • पीएम मोदी ने लोगों से अपना UPI अनुभव साझा करने और यह बताने की अपील की कि डिजिटल भुगतान ने उनकी जिंदगी को किस तरह आसान बनाया।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने UPI को तेज, आसान, सुरक्षित और सुलभ लेन-देन का माध्यम बताया।
  • केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे डिजिटल भारत के विजन का परिणाम बताया।
  • केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने UPI को ‘डिजिटल इंडिया’ क्रांति का प्रतीक बताया।
  • UPI को NPCI ने वर्ष 2016 में लॉन्च किया था और आज यह भारत की प्रमुख त्वरित भुगतान प्रणालियों में शामिल है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत भारत के डिजिटल भुगतान के सफर में एक बड़ा मोड़ साबित हुई। उन्होंने UPI की व्यापक पहुंच को भारत के लिए गर्व का विषय बताया।

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपने UPI अनुभव साझा करने की अपील करते हुए पूछा कि इस डिजिटल भुगतान प्रणाली ने उनके जीवन को किस तरह प्रभावित किया है।

राजनाथ सिंह ने बताया ‘परिवर्तनकारी दशक’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में UPI के 10 वर्ष परिवर्तनकारी बदलाव के दशक की कहानी है। उनके मुताबिक, एक साहसी विचार से शुरू हुई यह पहल डिजिटल पेमेंट की बड़ी सफलता बन गई है।

उन्होंने कहा कि UPI ने हर भारतीय के लिए लेन-देन को तेज, आसान, सुरक्षित और सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इसे उन्होंने ‘डिजिटल इंडिया’ की ताकत का उदाहरण बताया।

दुनिया में भारत की डिजिटल ताकत

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि UPI प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन का परिणाम है, जिसमें डिजिटल भारत को हर नागरिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था।

उन्होंने कहा कि UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान, तेज और सुलभ बनाया है और दुनिया के सामने भारत की डिजिटल क्षमता को भी प्रदर्शित किया है।

2016 में हुई थी शुरुआत

UPI भारत की त्वरित भुगतान प्रणाली है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया। इसे 11 अप्रैल 2016 को 21 सदस्य बैंकों के साथ पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया था।

इसके बाद 25 अगस्त 2016 को UPI को आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर उपलब्ध कराया गया। पिछले एक दशक में यह भारत में रोजमर्रा के डिजिटल लेन-देन का प्रमुख माध्यम बन गया है।

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