खूंटी। खूंटी पुलिस ने अफीम तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक महिला तस्कर समेत तीन अफीम तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से छह लाख की चार किलो तैयार अफीम, चार लाख पांच हजार पांच सौ रुपये नकद के अलावा स्वीफ्ट डिजायर कार, एक बाइक और मोबाइल बरामद किये हैं। गिरफ्तार तस्करों में लातेहार जिला के बालूमाथ थाना निवासी अशोक राम और उसकी पत्नी अनिता देवी और खूंटी के मारंगहादा गाड़ामाड़ा निवासी मड़की मुंडा शामिल है। कार्यालय में रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर अफीम खरीदने के लिए आनेवाले हैं। इस आलोक में एसडीपीओ कुलदीप कुमार और इंस्पेक्टर राजेश रजक के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया।

शनिवार की देर रात लगभग पौने दो बजे पुलिस ने उक्त क्षेत्र की घेराबंदी कर मड़की मुंडा, अशोक राम और अनिता देवी को गिरफ्तार कर लिया। जिस समय पुलिस ने छापेमारी की, उस समय अशोक और अनिता अफीम लेकर मड़की मुंडा को पैसे दे रहे थे। गिरफ्तार अशोक और उसकी पत्नी अनिता ने बताया कि वे लंबे समय से अफीम की तस्करी से जुड़े हैं। वे कई बार खूंटी क्षेत्र से अफीम खरीद कर दूसरी जगहों पर आपूर्ति कर चुके हैं। दोनों ने बताया कि चार किलो की अफीम के बदले मड़की मुंडा को चार लाख रुपये देने थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। एसपी सिन्हा ने बताया कि 2018 में पुलिस 81 किलो अफीम बरामद कर चुकी है, जिसका बाजार मूल्य एक करोड़ से अधिक है। इसके अलावा 29 तस्करों को जेल भेज चुकी है। टीम में इंस्पेक्टर अमिताभ राय, एसआइ वीरेंद्र सिंह, दिगंबर पांडेय, एएसआइ मिथिलेश, एसआइ अरुण कुमार सिंह और जवान शामिल थे।

अफीम से बर्बाद हो रही है पीढ़ी : एसपी
खूंटी एसपी ने कहा कि अफीम की खेती से वर्तमान पीढ़ी तो बर्बाद हो ही रही है, आनेवाली पीढ़ी पर इसका और अधिक दुष्परिणाम पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती के कारण बच्चे अपंग पैदा हो रहे हैं। खेत तो बंजर ही रहे हैं, अफीम का डोडा खाने से मवेशी भी कमजोर होकर मर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे चंद पैसों के लालच में वर्तमान और भावी पीढ़ी को बर्बाद होने से रोकें। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती को लेकर एनडीपीएस एक्ट में दस वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने पंचायत और अन्य जन प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अफीम जैसे जहर की खेती को रोकने के लिए ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलायें और उन्हें अफीम से होनेवाले दुष्परिणामों की जानकारी दें।

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