रांची। राजधानी रांची में सीएम आवास के सामने बुधु दास की सरेशाम हत्या को राजभवन ने गंभीरता से लिया है। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के डीजीपी डीके पांडेय को अधिकारियों संग तलब किया। इसमें डीजीपी के अलावा एडीजी अजय कुमार सिंह, आइजी नवीन कुमार सिंह और डीआइजी एबी होमकर भी थे। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने सीएम आवास के सामने हत्या और राज्य में बढ़ते अपराध पर चिंता प्रकट की। साथ ही विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंंने पुलिस महानिदेशक से कहा कि राज्य में बलात्कार, हत्या सहित अन्य आपराधिक घटना में वृद्धि होना, राज्य की बेहतर विधि-व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी चुनौती है।
राज्यपाल ने समीक्षा के क्रम में चंद्रपुरा, बोकारो में घटित बलात्कार की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटना राज्य को शर्मसार करती है। महिला सुरक्षा की दिशा में सक्रियता से कार्य करना होगा। साथ ही उन्होंने धनबाद हत्याकांड, हुसैनाबाद, पलामू की रहनेवाली माया देवी हत्याकांड के साथ मुख्यमंत्री आवास के समक्ष हत्या की घटना पर गहन चिंता व्यक्त की। यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आवास जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में हत्या से आम लोगों में विधि-व्यवस्था के संदर्भ में क्या धारणा होगी? उन्होंने राज्य में बलात्कार, हत्याकांड जैसे अन्य अपराध पर शीघ्र नियंत्रण प्राप्त करने के लिए संपूर्ण पुलिस महकमा को तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग खुफिया तंत्र विकसित करे एवं जनता के समक्ष बेहतर छवि प्रस्तुत करे, ताकि अपराधियों को पकड़ने में उन्हें जनमानस का अपेक्षित सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य की बेहतर छवि एवं विकास के लिए भयमुक्त एवं अपराधमुक्त समाज का होना नितांत आवश्यक है। अत: इस दिशा में सभी सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने खूंटी तथा कोल्हान क्षेत्र में पत्थलगड़ी पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की।
पत्नी सुकरमणी ने पुलिस को कहा: बबलू कुम्हार ने की है हत्या
बुधु की हत्या के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को बुधु की पत्नी और पूर्व नक्सली सुकरमणी ने बताया कि बबलू कुम्हार ने छह लाख रुपये की सुपारी देकर पति की हत्या करवायी है। उसने कहा कि बुधु ने बुंडू से लौट कर उसे बताया था कि बबलू कुम्हार उसकी जान के पीछे पड़ गया है। बुंडू बस स्टैंड का ठेका लेने के लिए वह ऐसा कर रहा है। बताते चलें कि पुलिस अभी तक बबलू कुम्हार तक नहीं पहुंच पायी है। बबलू कुÞम्हार भी पहले कुंदन पाहन के दस्ते में ही शामिल था। फिलहाल वह बुुंडू में रहता है और बस स्टैंड से खुलेआम रंगदारी उठाता है।