रांची। झारखंड का अपना विधानसभा भवन बन कर तैयार है। 12 सितंबर को इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। इसे लेकर बुधवार को सीएम ने विधानसभा भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास बेहद प्रसन्न दिखे। उन्होंने विधानसभा के निर्माण की वजह से विस्थापित हुए लोगों के लिए बन रही आरएनआर कॉलोनी का भी निरीक्षण किया। सीएम ने कॉलोनी में पौधरोपण कर इसे हरा-भरा बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 19 साल बाद झारखंड को अपना नया विधानसभा भवन मिलने जा रहा है। 12 सितंबर को प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। राज्य में 14 वर्ष तक राजनीतिक अस्थिरता के कारण झारखंड का अपना विधानसभा भवन नहीं मिल पाया था। नये विधानसभा भवन के निर्माण को लेकर बाधाएं और चुनौतियां थीं। परंतु वर्तमान सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाते हुए सारी बाधाओं और चुनौतियों को स्वीकार कर राज्य की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा भवन के निर्माण का रास्ता साफ किया और आज झारखंड का नया विधानसभा भवन बन कर तैयार है। अलग राज्य निर्माण के बाद अभी तक झारखंड विधानसभा किराये के भवन में चल रही थी। राज्य में अपना विधानसभा भवन बनना झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता के लिए गर्व की बात है।
जो कहते हैं, वह करते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। निमार्णाधीन नये विधानसभा परिसर का शिलान्यास इसी सरकार ने किया था और उसका उद्घाटन भी यही सरकार कर रही है। निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत नये विधानसभा भवन का कार्य पूरा हुआ है। सरकार ने शिलान्यास के समय ही यह तय किया था कि जो लोग विस्थापित हो रहे हैं, उन्हें पहले बसायेंगे और सरकार ने वही किया। नये विधानसभा परिसर के निर्माण के लिए जो लोग विस्थापित हुए हैं, उन्हें बगल में ही फ्लैट बना कर सरकार ने पहले बसाया है।
थ्री स्टार रेटेड ग्रीन बिल्डिंग है विधानसभा भवन
विधानसभा भवन के निर्माण पर 366.57 करोड़ रुपये की लागत आयी है। विधानसभा के नये भवन का निर्माण ग्रीन स्टार बिल्डिंग की तरह किया गया है। इस तरह के भवनों को पांच स्टार तक मिलते हैं, जिसमें विधानसभा भवन को थ्री स्टार मिले हैं। भवन में कम ऊर्जा का इस्तेमाल, ऊर्जा संरक्षण के उपाय, जल संरक्षण के उपाय, वर्षा जल संरक्षण और ग्रीन लाइफस्टाइल के उपाय होने पर ग्रीन बिल्डिंग माना जाता है। जन स्वास्थ्य, लैंडस्केप डिजाइन आदि का भी ख्याल रखा गया है। चार तल्लों के भवन में चार सौ से अधिक कारों के लिए कवर्ड पार्किंग की व्यवस्था है।

नये विधानसभा भवन की खासियत

सेंट्रल विंग: एसेंबली हॉल में 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था, मुख्यमंत्री का चेंबर, स्पीकर कक्ष, डिप्टी स्पीकर कक्ष, कांफ्रेंस हॉल में चार सौ लोगों के बैठने की व्यवस्था, एसेंबली सेक्रेटरी का कक्ष, मुख्य सचिव का कार्यालय, एमएलए लॉबी, वीआइपी विजिटर गैलरी, मीडिया गैलरी, लाइब्रेरी, कैंटीन आदि। पूरा क्षेत्रफल-19837.62 वर्ग मीटर।
पूर्वी विंग: मंत्रियों के कक्ष (22), कमेटी रूम छह, चीफ ह्विप का कक्ष एक, संयुक्त सचिव, अपर सचिव, उप सचिव और अंडर सेक्रेटरी का कक्ष एवं कार्यालय। क्षेत्रफल 13466.08 वर्ग मीटर।
पश्चिमी विंग: नेता प्रतिपक्ष का कार्यालय, कमेटी रूम पांच, कमेटी के चेयरमैन का कक्ष 25, मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के नेता का कक्ष पांच, विपक्ष के चीफ ह्विप का कक्ष एक और अन्य कार्यालय समेत बैंक और पोस्ट आफिस जैसी सेवाओं के लिए जगह।

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