आजाद सिपाही संवाददाता
साहेबगंज। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि वह गरीबों का दर्द समझते हैं, क्योंकि उन्होंने गरीबी बेहद करीब से महसूस की है, झेली है। वह खुद मजदूर से मुख्यमंत्री बने हैं। इसलिए गरीबों का दर्द उनसे बेहतर कौन समझ सकता है। संथाल हूल की धरती साहेबगंज के विभिन्न इलाकों में जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के चौथे दिन रविवार को उन्होंने विभिन्न जनसभाओं में कहा कि उन्होंने जब मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो गरीबी खत्म करने का प्रण लिया और पिछले पांच सालों मे अपने कार्यों की बदौलत सफल भी हुए हैं।
सीएम ने कहा कि यह सच है कि हमारा झारखंड बहुत ही समृद्ध राज्य है, परंतु यह भी एक सच्चाई है कि इस समृद्ध राज्य की गोद में गरीबी भी पल रही है। पिछले पांच वर्ष में गरीबी उन्मूलन को लेकर काफी काम किये गये हैं। झारखंड को सशक्त और समृद्ध बनाने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। आने वाले पांच वर्षों में राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करते हुए सभी वर्गों के लोगों के हितों के लिए कटिबद्ध है।
विपक्ष पर किया करारा हमला
रघुवर ने कहा कि संथाल की भूमि ने झारखंड को तीन-तीन मुख्यमंत्री दिये। सभी ने संथाल परगना का विकास न कर खुद का विकास किया। जनहित की इन्हें तनिक भी चिंता नहीं रही। परिवार और वंशवाद की राजनीति करने वालों ने संथालवासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया। लेकिन अब हमें झामुमो और कांग्रेस के हाथों संथाल परगना को लुटने नहीं देना है। झामुमो और कांग्रेस ने सिर्फ दुष्प्रचार किया। आपका वोट लिया और खुद करोड़पति बन गये। मौकापरस्तों को आप करारा जवाब 2019 के विधानसभा चुनाव में दें। इस बार आप ऐसी सरकार चुनें, जिसने पिछले पांच साल में केवल आपके विकास के बारे में ही सोचा है।
बंदरगाह बनेगा संथाल की समृद्धि का वाहक
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहेबगंज का मल्टी मॉडल प्रोजेक्ट देश और दुनिया में झारखंड को नयी पहचान देगा। यह पूरा क्षेत्र जल परिवहन का नया विकल्प दे रहा है। विकास की नयी संभावनाएं लेकर आया है यह बंदरगाह। हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर रोजगार के अवसर मिलेंगे। पिछले पांच साल में साहेबगंज के घर-घर तक बिजली, शौचालय, शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर हो रहा है।
आर्थिक संकट से बचाने के लिए पेंशन बढ़ायी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को हर वर्ग, समुदाय की चिंता है। बेसहारों और असहायों को किसी तरह के आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए उनकी पेंशन की राशि को छह सौ से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन शामिल है। सरकार का मकसद ऐसे लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच देना है।
मजदूर से मुख्यमंत्री बना, गरीबों का दर्द समझता हूं
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