रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में झारखंड ने एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। 2018 में राष्ट्रीय युवा दिवस पर एक मंच से राज्य के 26 हजार 674 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध करा कर उसने विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। झारखंड का यह रिकॉर्ड लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। सीएम रघुवर दास को गुरुवार को यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव शैलेश कुमार सिंह, झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के सीइओ अमर झा एवं उद्योग निदेशक कृपानंद झा ने दी।
युवा शक्ति को सशक्त बनाना लक्ष्य: रघुवर
इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह राज्यवासियों के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान झारखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी स्थान प्राप्ति के लिए और प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में राष्ट्रीय युवा दिवस पर एक लाख छह हजार 619 युवाओं को रोजगार दिया गया। अब तक दो वर्षों में विभिन्न विभागों के द्वारा कौशल विकास के माध्यम से 1.90 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। टीम झारखंड दिन-प्रतिदिन नये कीर्तिमान बना रही है। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता के साथ किये जा रहे कार्यों का ही परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति को रोजगार देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना लक्ष्य है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से बेरोजगार युवक-युवतियों को हुनरमंद बना कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रतिबद्ध प्रयास किया है।
न्यू झारखंड बनाने में लगी है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोमेंटम झारखंड के तहत राज्य में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। राज्य में जितने उद्योग बढ़ते जायेंगे, साथ ही साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आने वाले कुछ वर्षों में राज्य में हो रहे पलायन को पूर्ण रूप से रोकना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को विकसित करके ही समृद्ध और नये झारखंड की कल्पना पूरी की जा सकेगी।
56,423 युवक-युवतियों ने किया था आवेदन
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी द्वारा 12 जनवरी 2018 को एक मंच से झारखंड के 26 हजार 674 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था। कार्यक्रम का आयोजन 12 जनवरी 2018 को रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में किया गया था। इतनी बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसायटी द्वारा राज्य में कुल 38 प्लेसमेंट सेंटर स्थापित किये गये थे। वहीं 221 प्लेसमेंट ड्राइव चलाये गये थे। इस प्लेसमेंट महाकुंभ में 56 हजार 423 युवक-युवतियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। विभिन्न कंपनियों द्वारा राज्य के युवक-युवतियों को दिये गये नौकरियों के प्रस्तावों का डिजिटलाइज्ड रिकॉर्ड झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के हुनर पोर्टल पर देखा जा सकता है।
जीरो कट बिजली में हो रही देरी पर सीएम गंभीर, अफसरों को फटकारा
रांची। आजादी के सात दशक बाद झारखंड के गांव आज बिजली से रोशन हैं। बस अब थोड़ा सा काम रह गया है। अब गुणवत्ता के साथ जीरो कट की ओर बढ़ना है। 31 अक्टूबर तक झारखंड में बिजली के सुदृढ़ीकरण के कार्य पूरा कर लें। ट्रांसमिशन लाइन का काम पूरा होने से जहां दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता बढ़ेगी, वहीं शहरी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति अच्छी होगी। जिन संवेदकों ने जो समय सीमा दी है, उस तिथि तक काम पूरा हो जाना चाहिए, अन्यथा उनकी राशि काटी जायेगी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को ऊर्जा विभाग के संचरण और वितरण की समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं।
किसी भी हालत में डेडलाइन नहीं बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादातर संचरण लाइन का काम अंतिम चरण में है। संवेदकों को कोई समस्या हो, तो विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। विभाग के अधिकारी हर 15 दिन में संवेदकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का निराकरण करें। किसी भी हालत में डेडलाइन नहीं बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि काम गुणवत्तापूर्ण हो।
ये थे उपस्थित
बैठक में सीएम के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा विभाग की सचिव वंदना डाडेल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के एमडी राहुल पुरवार, वन विभाग के पीसीसीएफ शशि नंदकुलियार, संचरण लिमिटेड के निरंजन कुमार समेत विभाग के वरीय अधिकारी और संवेदक उपस्थित थे।