भाजपा के पावर बैंक हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी को 65 प्लस का लक्ष्य दिलायेगा दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झारखंड यात्रा का मकसद समझने के लिए अतीत में लौटना होगा। तीन सितंबर को गुमला के बख्तर सॉय मुंडल आॅडिटोरियम में कोर कमिटी की बैठक हो रही थी। मुख्यमंत्री रघुवर दास गुमला में आयोजित उज्ज्वला दीदी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद यहां पहुंचनेवाले थे। उससे पहले हाथ में माइक थामे संबोधन और संचालन की कमान पार्टी के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश ने संभाल रखी थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें प्रधानमंत्री की झारखंड यात्रा का चुनावी लाभ लेना है।
इसलिए आप ऐसे लाभुकों को लेकर प्रभात तारा मैदान में आयोजित बैठक में पहुंचें, जिन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिला है। इससे साफ है कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा राजनीतिक भी है। भाजपा का एक-एक नेता और कार्यकर्ता यह सत्य जानता है और जो नहीं जानता, वह तब जान जायेगा, जब भारी बहुमत से पार्टी झारखंड में वापसी करेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी साफ शब्दों में कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेनेवाले लाभुकों से पार्टी नेता संवाद करने में सफल हो जाते हैं तो चुनाव जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी।
गांव हो या शहर, हर वोटर को साधेंगे मोदी
अपने झारखंड दौरे में नरेंद्र मोदी जनता को पार्टी से कनेक्ट करेंगे। उन्हें अपने भाषणों और कार्यक्रमों से इतना चार्ज करेंगे कि उसका सीधा असर पार्टी को विधानसभा चुनावों में होगा। इस यात्रा में अपने भाषणों से नरेंद्र मोदी गांव हो या शहर, हर वर्ग और हर जाति के वोटरों को साधेंगे और जिस तरह बीते चुनावों में पार्टी में विधानसभा में 37 सीटें अकेले अपने दम पर जीती थी, उसे 65 से अधिक सीटें जीतनेवाली झारखंड की इकलौती पार्टी बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। झामुमो के गढ़ संथाल और कोल्हान में पार्टी का कमल खिले और झामुमो का तीर-धनुष टूट कर बिखरे इस रणनीति को भी प्रधानमंत्री अमलीजामा पहनते हुए देखेंगे। उनकी साहेबगंज में मल्टी मॉडल बंदरगाह का शुभारंभ उसी रणनीति का हिस्सा है। यह बंदरगाह जितना व्यवसाय के लिहाज से पार्टी का मकसद साधेगा उतना ही चुनावी मकसद भी।
रघुवर ने जो ऊर्जा भरी है, उसे और गति देंगे नरेंद्र मोदी
झारखंड में भाजपा की चुनावी यात्रा की कमान मुख्य रूप से मुख्यमंत्री रघुवर दास के हाथों में है। चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी उनके साथ समन्वय बिठाकर काम कर रहे हैं और रघुवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ समन्वय स्थापित कर चुनावी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। भाजपा का हर कार्यक्रम एक चुनावी एजेंडे के तहत संचालित हो रहा है। झारखंड में कार्यकर्ताओं के बीच जो ऊर्जा मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भरी है, नरेंद्र मोदी उसे मजबूत करेंगे। भाजपा जानती है कि शहरी वोटरों की तुलना में ग्रामीण वोटरों को एकजुट करना उसके लिए आसान है। इसलिए पार्टी का फोकस पहले गांव है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास कह चुके हैं कि असली भारत गांवों में बसता है, इसलिए कार्यकर्ता पहले गांवों में जायें और उसके बाद शहर में आयें। नरेंद्र मोदी इसी उर्जा को बूस्ट अप करेंगे। अपने कार्यक्रमों में जहां वह सबका साथ और सबका विकास का वादा दोहरायेंगे, वहीं यह भी बतायेंगे कि 70 साल राज करने के बाद कांग्रेस कश्मीर से अनुच्छेद 70 और 35 ए हटा नहीं सकी और भाजपा ने यह काम कर दिखाया। कश्मीर का मुद्दा भाजपा के खाते में गया। यह ऐसा मुद्दा है, जो चुनावों में रामबाण का काम करेगा। इस मुद्दे की काट झारखंड में किसी विपक्षी दल के पास नहीं है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा कहते हैं कि प्रधानमंत्री की झारखंड यात्रा के दो प्वाइंट हैं, जिनमें एक रांची और दूसरा साहेबगंज हैं। प्रभात तारा मैदान में होनेवाले कार्यक्रम में संथाल के छह जिलों को छोड़कर सभी जिलों के लोग रांची आयेंगे वहीं साहेबगंज में बंदरगाह के शुभारंभ वाले कार्यक्रम में बाकी बचे छह जिलों के लोग हिस्सा लेंगे। वहीं पार्टी की युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूनम साहू कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झारखंड यात्रा पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगी और इसका असर विधानसभा चुनावों में दिखेगा।
वहीं पार्टी के शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एमके गुप्ता का कहना है कि प्रधानमंत्री ने देश हित में कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाकर देश की जनता की भावनाओं का सम्मान किया है। वे जब धुर्वा के प्रभात तारा मैदान में योजनाओं का शुभारंभ और जन जागरण का जयघोष करेंगे, तो उसका असर निश्चित रूप से बहुत अच्छा होगा। पूरे देश में मोदी लहर बरकरार है और उनका आगमन इस मोदी लहर को फिर से मोमेंटम देगा।

झारखंड से पीएम का रहा है विशेष लगाव
जिस तरह कोशिका का ऊर्जा घर माइटोकांड्रिया होता है, उसी तरह भाजपा के पावर बैंक नरेंद्र मोदी हैं। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वाडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी की भाजपा का जनाधार पूरे देश में बढ़ाने और पार्टी को पैन इंडिया में स्थापित करने में अहम मानी जाती है। यह नरेंद्र मोदी की कल्ट पर्सनैलिटी का ही कमाल है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आयी। झारखंड के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया और 2019 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी झारखंड की 14 में से 12 लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही। आसन्न विधानसभा चुनावों में भी पार्टी नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी। पीएम की सबसे बड़ी खासियत उनकी असाधारण भाषण कला है। विकास समेत अन्य मुद्दों पर वे बहुत प्रभावी तरीके से अपनी बातें रखते हैं।
अपनी वाक शैली से वह हर श्रोता से संबंध बना लेते हैं। इतना ही नहीं वे विश्वस्तरीय नेता सा करिश्मा रखते हैं। नरेंद्र मोदी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण भी जाने जाते हैं। चाहे वह नोटबंदी हो या कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना उनके युगांतरकारी निर्णयों ने उन्हें जनता के बीच खासा लोकप्रिय बनाया है। प्रधानमंत्री का सकारात्मक गुण उनकी दूरदृष्टि भी है। उनकी दूरदर्शिता और स्वप्न का ही नतीजा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते उन्होंने राज्य को विकसित करने के लिए विदेश यात्राएं की और प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने पूरे विश्व में यात्राएं करके भारत की छवि मजबूत की। मुख्यमंत्री रघुवर दास अक्सर कहते हैं कि झारखंड से प्रधानमंत्री का विशेष लगाव है और यह राज्य उनकी प्राथमिकता में है। झारखंड से अपने खास लगाव के कारण ही उन्होंने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लांचिंग झारखंड से की थी। प्रधानमंत्री के झारखंड दौरे का चुनावों में क्या असर पड़ा यह तो चुनाव के नतीजे बतायेंगे पर इतना तो तय है कि उनका यह दौरा झारखंड में पार्टी के पक्ष में लहर पैदा करने में सफल साबित होगा।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version