नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले पाकिस्तान ने अपने प्रोपगैंडा तंत्र को सक्रिय कर दिया है। पीएम मोदी शनिवार को एक सप्ताह की यात्रा पर रवाना होंगे। यह पहली बार होगा, जब अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भारतीय प्रधानमंत्री से एक ही दौरे में दो बार मिलेंगे। पीएम मोदी और ट्रंप की पहली मुलाकात 22 सितंबर को ह्यूस्टन में भारतीय प्रवासियों के कार्यक्रम ‘हाउडी मोदी’ के दौरान होगी, जब ट्रंप इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इन दोनों के बीच दूसरी मुलाकात 24 सितंबर को होगी। उस दिन दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता के दौरान न्यूयॉर्क में मिलेंगे। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल का यह पहला अमेरिका दौरा है और इसे कूटनीतिक हलके में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ह्यूस्टन में मोदी के साथ कार्यक्रम के दौरान कुछ घोषणाएं कर सकते हैं। दोनों पक्ष व्यापारिक ?समझौते को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह घोषणा भारत को जीएसपी के तहत विकासशील देश का दर्जा वापस लौटाने से संबंधित होगी या किसी और बारे में होगी।
मोदी की इस यात्रा के दौरान उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। वह 21 सितंबर को ही एनर्जी सेक्टर की कुछ कंपनियों के सीइओ से बातचीत करेंगे। 22 को ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी के साथ मंच साझा करेंगे। 23 तारीख को क्लाइमेट समिट कार्यक्रम होगा, जिसमें पीएम मोदी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा आतंकवाद और उग्रवादी हिंसा पर लीडर्स डायलॉग में भी पीएम मोदी हिस्सा लेंगे। इस दौरान मोदी को स्वच्छता अभियान के लिए बिल गेट्स फाउंडेशन की तरफ से ‘ग्लोबल गोलकीपर्स अवॉर्ड’ भी दिया जायेगा।
पाकिस्तान ने शुरू किया दुष्प्रचार
पीएम मोदी की यात्रा से पहले पाकिस्तान ने एक बार फिर अपना नापाक इरादा उजागर किया है। अमेरिका में रहनेवाले पाकिस्तानियों ने यह कहना शुरू कर दिया है कि पीएम मोदी की यह यात्रा पाकिस्तानी हितों के खिलाफ है। पाकिस्तान के राष्टÑीय प्रतीक चिह्न वाले पर्चों के जरिये यह बात प्रचारित की जा रही है कि इस यात्रा के दौरान मोदी पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर बात करनेवाले हैं।