अजय शर्मा
रांची। सीसीएल के पिपरवार कोल परियोजना, अशोका प्रोजेक्ट कांटा, कल्याणपुर कांटा और पुरनाडीह कोल परियोजना में काम करनेवाले कोल व्यवसायियों और डीओ होल्डरों को हड़का कर प्रति टन 257 रुपये की वसूली करेवालों पर चतरा के एसपी अखिलेश वी वारियार ने बड़ी कार्रवाई की है। कमेटी के दो सदस्य विगन भोक्ता और धनराज भोक्ता उर्फ मिठ्ठू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से 3.74 लाख रुपये बरामद किये गये हैं, जो लेवी के बताये जाते हैं। इन दोनों के यहां अलग-अलग बैंकों के 23 पासबुक और 24 चेकबुक भी मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में 77 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है। बताते चलें कि 22 जुलाई के अंक में आजाद सिपाही ने प्रथम पृष्ठ पर पिपरवार के अलग-अलग कोल परियोजनाओं में में हो रही अवैध वसूली की रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसके बाद ही पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
क्या कहना है पुलिस का
पुलिस का कहना है कि विस्थापित ग्रामीण विजन संचालन समिति का गठन टीपीसी ने के उग्रवादियों ने किया। इस समिति में कुछ स्थानीय लोगों को भी रखा गया। संगठन का भय दिखाकर अवैध वसूली की जाने लगी। वसूली का एक बड़ा हिस्सा उग्रवादियों को पहुंचता था। इस पैसे का उपयोग हिंसात्मक एवं विधि विरुद्ध कार्यों में किया जाता था। इसी सूचना पर एसपी ने सिमरिया के एसडीपीओ दीपू कुमार, टंडवा के एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम की अगुवाई में एक टीम गठित की। इसमें टंडवा के सीओ रंजीत लोहरा, सिमरिया के कार्यपालक दंडाधिकारी टुडू दिलीप, इंसपेक्टर सुधीर कुमार चौधरी, शिवप्रकाश कुमार, बिजविनक्स कुजूर, अजय कुमार केरकेट्टा, रोहित टोपनो और सच्चिदानंद सिंह शामिल थे। आरोपियों के घरों में तलाशी ली जानी थी, इसलिए मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किये गये थे। इस टीम ने पहले बरवाडीह फिर जामडीह में छापेमारी की थी। इसी टीम ने समिति के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। इस संबंध में पिपरवार थाना में कांड 36/19 दर्ज किया गया है। इस मामले में टीपीसी के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ आक्रमण, रवींद्र गंझू, भीठन गंझू भी अरोपी हैं। पुलिस पिछले दो दिनों से पिपरवार थाना क्षेत्र के कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि इसी तरह की अवैध वसूली सीसीएल के आम्रपाली और मगध कोल परियोजना में शांति संचालन समिति का गठन कर किया जाता था, जिसे पुलिस ने बंद करा दिया।
बैंक खाते फ्रीज होंगे
लेवी वसूलनेवाले आरोपियों के पास अलग-अलग बैंकों के जो पासबुक मिले हैं, उन सभी खातों को पुलिस फ्रीज करा देगी। अलग-अलग बैंक के प्रबंधकों को इस संबंध में पुलिस की ओर से पत्र भेजा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगायेगी कि इन बैंक खातों में कितने पैसे जमा हैं।
पुलिस और पत्रकार को भी हिस्सा
इस वसूली में भी पुलिस और पत्रकारों को हिस्सा मिलता था। ऐसा नहीं है कि पुलिस को इस वसूली की जानकारी पहले से नहीं थी। इस संबंध में कई अधिकारियों को जानकारी थी, लेकिन सभी इसमें हिस्सेदार थे।
एनआइए कर रही है जांच
आम्रपाली और मगध परियोजना में टेरर फंडिंग की जांच एनआइए कर रही है। वहीं, सीबीआइ ने हाल ही में सीसीएल की कोलियरियों से रेलवे साइडिंग के लिए जानेवाले कोयला को बनारस की मंडियों में भेजे जाने की जांच तेज कर दिया है।

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