आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा की राज्य सरकार 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति की सिर्फ घोषणा न करें, बल्कि उसे जल्द लागू भी करें, कहीं यह सिर्फ घोषणा न रह जाय। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले स्वयं विधानसभा में कहते हैं कि 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू नहीं की जा सकती। अब उसी सदन में उन्होंने इसे लागू करने की घोषणा की है। इससे भ्रांतियां उत्पन्न हुई हैं।
सुदेश महतो ने कहा कि जिन जिलों में जिस वर्ष अंतिम सर्वे सेटलमेंट हुआ है, उस वर्ष को वहां कट आफ डेट मानना चाहिए। जहां 1932 में अंतिम सर्वे सेटलमेंट हुआ वहां इस वर्ष तथा जहां बाद में हुआ वहां उस वर्ष का कट आफ डेट लागू हो। राज्य में खतियान, आधारित स्थानीय नीति शीघ्र लागू हो, इसपर सरकार पर दबाव डालने के लिए सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता अलग-अलग दिन राजभवन मार्च करेंगे। यह कार्यक्रम 23 सितंबर से शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि पार्टी का एक शिष्टमंडल शीघ्र ही राज्य में सरना धर्म कोड लागू करने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेगा। सुदेश ने कहा कि आजसू शुरू से ही स्थानीय नीति लागू करने की मांग करती रही है। यह पहली पार्टी है, जिसने सरकार को इसका लिखित प्रस्ताव दिया।