आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। आजसू पार्टी के रांची स्थित प्रधान कार्यालय में केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी और केंद्रीय महासचिव राजेंद्र मेहता मीडिया से मुखाबित हुए। इन तीनों ने हेमंत सोरेन सरकार की ओर से स्थानीयता एवं आरक्षण के संदर्भ में लिये गये निर्णय का स्वागत किया। कहा कि झारखंडी हित और राज्य के विकास के लिए सरकार कोई भी निर्णय लेगी, तो आजसू पार्टी इसका अभिनंदन करेगी।
स्थानीयता का निर्धारण नियोजन का आधार बने
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आजसू पार्टी के प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीयता का निर्धारण ही नियोजन का आधार बने। साथ ही साथ सरकार यह भी स्पष्ट करे कि जिन पदों पर नियुक्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका, उसका आधार खतियान आधारित स्थानीय नीति होगा या मैट्रिक और इंटरमीडिएट का प्रमाण पत्र। प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी ने कहा कि नियुक्तियों में किसी प्रकार की बाधा ना आये तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां शत प्रतिशत स्थानीय व्यक्तियों को ही मिले, इसके लिए सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को प्रखंड स्तर पर शुरू करे ।
स्थानीय नीति और आरक्षण आजसू का मुख्य मुद्दा रहा है
उन्होंने कहा कि हमारी कथनी और करनी में कभी अंतर नहीं रहा। खतियान आधारित स्थानीय नीति एवं आरक्षण हमारा मुख्य मुद्दा रहा है और इसे लेकर हम संघर्ष करते रहे हैं। आरक्षण को लेकर विगत 6,7 और 8 सितंबर, 2021 को हमने राज्य के 4402 पंचायत तथा सभी 260 प्रखंडों में सामाजिक न्याय मार्च निकाल कर, लाखों हस्ताक्षरयुक्त स्मरण पत्र एकत्रित किया तथा मुख्यमंत्री तक पहुंचाया और जभावनाओं से सरकार को अवगत कराया।
राज्य में जातीय जनगणना सुनिश्चित करे सरकार
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी संघर्ष की उपज है और संघर्ष ही हमारी पहचान है। जनमुद्दों को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रेस वार्ता के दौरान हसन अंसारी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, लेकिन जातीय जनगणना कराने को लेकर सरकार ने अभी तक कोई वक्तव्य नहीं दिया। आजसू पार्टी सरकार से यह मांग करती है कि राज्य में जातीय जनगणना सुनिश्चित करे।