1932 के खतियान का विरोध करने पर छह लोगों को रांची जिला प्रशासन ने भेजा नोटिस
रांची। झारखंड में पिछले कई वर्षों से स्थानीय नीति का मुद्दा सुर्खियों में रहा है। बाबूलाल मरांडी जब मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने एक बार डोमिसाइल नीति बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया, लेकिन वह मुद्दा विवाद की भेंट चढ़ गया। रघुवर दास ने अपने हिसाब से स्थानीय नीति बनायी, जो विपक्ष को मान्य नहीं हुई। हेमंत सोरेन जब सीएम बने, तो उन्होंने रघुवर दास के स्थानीय नीति मामले को अमान्य कर दिया। अभी-अभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने 14 सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में 1932 खतियान का प्रस्ताव पास किया है। इसी दौरान 1932 खतियान का विरोध करने पर छह लोगों को रांची जिला प्रशासन ने नोटिस भेजा है। रांची केधुर्वा थाना क्षेत्र के रहनेवाले प्रदीप तिवारी, कैलाश यादव, रंजन कुमार, नवनीत कुमार, बिट्टू मिश्रा और रामकुमार यादव के नाम एसडीओ ने नोटिस भेजा है।
क्या कहा गया है भेजे गये नोटिस में
रांची के अनुमंडल पदाधिकारी ने नोटिस में कहा है, मुझे प्रतीत कराया गया है कि आप परिशांति भंग करेंगे या ऐसा कार्य करेंगे, जिससे संभावना है कि परिशांति भंग होगी। इसलिए आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप स्वयं अथवा अपने सम्यक रूप से प्राधिकृत अधिवक्ता द्वारा 19 सितंबर को अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में साढ़े दस बजे इस बात का कारण दर्शाने के लिए उपस्थिति हों कि आपसे यह अपेक्षा क्यों न की जाये कि एक वर्ष की अवधि के लिए परिशांति कायम रखने के लिए 50 हजार रुपये का बंध पत्र तथा उसी राशि की दो प्रतभूतियों के साथ प्रस्तुत करने का आदेश दिया जाये।