रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार अपनी महत्वाकांक्षी आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम अभियान का दूसरा चरण शुरू करेगी। यह अक्टूबर माह से शुरू हो सकता है। 15 नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले चरण की शुरूआत की थी। पहले चरण में सरकार का जोर यूनिवर्सल पेंशन स्कीम सहित बिरसा हरित ग्राम योजना, पोटो हो खेल विकास योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान पर था। दूसरे चरण में सरकार का जोर सावित्री बाई फूले किशोरी संवृद्धि योजना और सीएम रोजगार सृजन रहेगा। उपरोक्त दोनों ही योजनाओं को लेकर बीते दिनों ही सरकार ने बड़ा संशोधन किया है।
लोग अधिकारों के लिए ना भटकें, इसलिए की शुरूआत: हेमंत
पहले चरण को लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री ने अभियान के उद्देश्य को बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रखंड से लेकर गांव तक के लोगों को अपने अधिकारों के लिए भटकना नहीं पड़े, बल्कि सरकार खुद उनके घर तक जाकर उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाये, इसके लिए इस अभियान की शुरूआत हुई है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थल खूंटी जिले के उलिहातू गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में इस अभियान का उद्घाटन किया था।
विशेष तौर पर दो योजनाओं पर रहेगा जोर
दूसरे चरण में सरकार का जोर आम लोगों को सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर रहेगा, लेकिन सभी योजनाओं में सबसे अधिक दो योजनाओं पर केंद्रित किया जायेगा।
पहला जोर : इसमें पहला सावित्री बाई फूले किशोरी संवृद्धि योजना है। हाल ही में सरकार ने मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का नाम बदल कर सावित्री बाई फूले किशोरी संवृद्धि योजना कर दिया है। योजना के तहत सरकार का बच्चियों की शिक्षा पर विशेष तौर पर फोकस रहना है।
बच्ची का नामांकन कक्षा आठ में होता है, तो सरकार उसके नाम से 2500 रुपये जमा करेगी। उसी तरह कक्षा 9 में नामांकन करने पर 2500 रुपये, कक्षा 10 में नामांकन करने में 5000 रुपये, कक्षा 11 में नामांकन लेने पर 5000 रुपये, कक्षा 12 में नामांकन लेने पर 5000 रुपये सरकार जमा करेगी। जब लड़की की आयु 18-19 वर्ष पूरी हो जायेगी, तो सरकार एक मुश्त राशि बीस हजार रुपये अनुदान के रूप में देगी।
दूसरा जोर: अभियान के तहत दूसरा जोर मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर रहेगा। हाल में इस योजना में भी राज्य सरकार ने एक बड़ा संशोधन किया है। योजना के तहत सरकार पचास हजार से लेकर 25 लाख रुपये की सहायता राशि युवाओं को उपलब्ध कराती है। पहले इस राशि के लिए युवाओं को गारंटर देना पड़ता था, लेकिन अब पचास हजार रुपये लोन लेने में किसी तरह की कोई गारंटर की जरूरत नहीं होगी। वहीं पचास हजार रुपये से ऊपर के लोन लेने पर अब सरकारी, सेवानिवृत्त कर्मी, अर्धसरकारी, निजी संस्था में कार्यरत कर्मी, सभी जनप्रतिनिधि जैसे मुखिया, पंचायत सचिव, सांसद, विधायक, वार्ड सदस्य (निर्वाचित और पूर्व निर्वाचित) भी गारंटर बन सकेंगे।