चतरा। मंगलवार को आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चतरा के इटखोरी पहुंचे हुए थे। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित किया और कहा कि हमने जब 2019 में सरकार बनायी, तभी हमने कहा था कि हमारी सरकार रांची हेडक्वार्टर से चलनेवाली सरकार नहीं है। ये सरकार गांव से चलने वाली सरकार है। हम जगह-जगह घूम कर यही देखना चाह रहे हैं कि सरकार के लोग आपके दरवाजे तक पहुंच रहे हैं या नहीं। पहले हमारे बूढ़े बुजुर्ग पेंशन के लिए दलालों के चक्कर लगाते थे, लेकिन आज टॉर्च जला कर ढूंढ़ने से भी कोई ऐसा नहीं मिलेगा, जिसको पेंशन नहीं मिलती है। हमारे विपक्ष के लोग बोलते हैं कि मंईयां योजना सरकार बनाते समय क्यों नहीं लागू की। अभी चुनाव आया, तो क्यों लागू किया। अब इनको कौन बताये कि जैसे ही सरकार बनी, वैसे ही कोरोना काल आ गया। सब कुछ बंद था। हमारे राज्य से लोग बाहर के राज्यों में काम करने के लिए गये हुए थे। उस समय मैंने ही आपके अपनों को हवाई जहाज से ढोकर उनके घर तक पहुंचाने का काम किया। जब डबल इंजन की सरकार थी, तब कोई कोरोना नहीं था। कोई महामारी नहीं थी, लेकिन उस समय लोग हाथ में राशन कार्ड लेकर भात-भात करते-करते मर गये।
हमारे विपक्ष के लोग मंईयां योजना की काट में कोई योजना लानेवाले हैं। ये बस चुनावी जुमला है। 20 सालों तक इन लोगों ने राज किया। आज तक आपने क्यों नहीं कुछ किया। आज हमारे विपक्षियों में खलबली मचा हुई है। हम सरकार की कार्य योजना को लेकर भटक रहे हैं और ये लोग कैसे चुनाव में वोट खरीदेंगे उसके लिए मंडरा रहे हैं। देश का बड़ा-बड़ा मंत्री, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, एक दर्जन मुख्यमंत्री झारखंड में मंडरा रहे हैं। इस सोने की चिड़िया पर कब्जा करने के लिए इन व्यापारियों की पूरी ताकत लगी हुई है। कल ही हमने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। 1 लाख छत्तीस हजार करोड़ रुपया बकाया केंद्र सरकार ने हमारा रखा हुआ है। हम लोग मांगते हैं तो कभी 1 करोड़, 2 करोड़ दे रहे हैं। अगर आज भी हमको उस पैसे का ब्याज दे दें तो हम मंईयां सम्मान योजना की राशि 1 हजार से बढ़ा कर दो हजार कर देंगे। हम गरीब गुरबा को ताकत देने का काम कर रहे हैं, तो इनको तकलीफ हो रही है। हमने 200 यूनिट बिजली फ्री कर दी और बकाया को भी हमने माफ कर दिया है। हम योजना गिनाना शुरू करें तो सुबह से शाम हो जायेगी।
हमारी सरकार को बने चार साल हो गया। इसमें दो साल कोरोना रह गया और इन दुश्मनों का हमारे पीछे चोर पुलिस का कहानी करना। झूठा आरोप लगाया। आखिरकार हम लोकसभा चुनाव में शामिल ना हो पाए तो हमें जेल में डाल दिया। 14 में 12 सीट पहले लेकर आए थे। अब 9 सीट पर आ गये। अगर मैं बाहर होता तो इनसे 12 का 12 सीट ले लेता। फिर भी हमारी राज्य की जनता ने करारा जवाब दिया है। मंईयां योजना के खिलाफ कोर्ट चले गये हैं। इनके पास बड़े-बड़े बुद्धिमान लोग हैं। जज वकील इनका दोस्त है। 1 लाख 36 हजार करोड़ बाकी है केंद्र को पास हमारा बकाया है। इस चुनाव के बाद तैयार कर लो हमलोग सब मिलकर अपना पैसा लेने दिल्ली जाएंगे। हिंदू मुस्लिम, अगड़ा पिछड़ा करके ये लोग चुनाव लड़ता है। इन्होंने भगवान को भी नहीं बख्शा। यही कारण है कि भगवान राम ने भी इनको सबक सिखाया।