रांची। झारखंड हाइकोर्ट में भाजपा के राष्ट्रीय नेता और पूर्व आइपीएस अधिकारी अरुण उरांव की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस बीआर सारंगी और जस्टिस अरुण कुमार राय की बेंच में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से देश के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बहस की। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह करते हुए जनहित याचिका की मेंटब्लिटी पर सवाल उठाया।

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा ने कहा कि याचिका दायर करनेवाला व्यक्ति एक रिटायर्ड आइपीएस अधिकारी हैं। इसलिए मेंटब्लिटी का सवाल नहीं उठता। अरुण उरांव ने अपनी जनहित याचिका में कहा है कि झारखंड में पिछले कुछ समय से केंद्रीय एजेंसी ईडी ने कई बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामले सामने आये हैं। इडी ने अपनी जांच के दौरान राज्य सरकार के कई अफसरों पर कार्रवाई की भी अनुसंशा की, लेकिन सरकार की ओर से कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गयी। इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपितों के खिलाफ राज्य सरकार को भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।

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