गिरिडीह। सरिया स्थित राजदह धाम परिसर में तपस्वी मौनी बाबा की 40वीं पुण्यतिथि बड़े ही श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र भर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम का नेतृत्व तपस्वी मौनी बाबा राजदह धाम समिति के अध्यक्ष सुरेश भारती ने किया। उन्होंने समाधि स्थल पर चादरपोशी एवं माल्यार्पण कर बाबा को नमन किया। अपने संबोधन में श्री भारती ने कहा ह्ल तपस्वी मौनी बाबा केवल तपस्वी ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक भी थे। उनका जीवन मानवता, शांति और सेवा को समर्पित था। आज हमें उनके आदर्शों पर चलने और समाज को दिशा देने का संकल्प लेना चाहिए।  उन्होंने आगे कहा हम समिति के सदस्य, धाम परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए हम सब लगातार प्रयासरत रहेंगे। यह स्थान न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि समाज में सद्भाव और एकता का प्रतीक भी रहेगा। इस अवसर पर समिति के सचिव राजकुमार वर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा तपस्वी मौनी बाबा पूरे क्षेत्र के आध्यात्मिक प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनके आदर्श हमारे जीवन में अनुशासन और संयम बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। सभा में उपस्थित साधु-संतों ने प्रवचन दिया और कहा कि तपस्वी मौनी बाबा तप, मौन और सेवा के प्रतीक थे। आज की पीढ़ी को उनके जीवन आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए। पूरे दिन धाम परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। आसपास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष सुरेश भारती ने घोषणा की—
ह्लअगले वर्ष बाबा की 41वीं पुण्यतिथि को और अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जाएगा तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।ह्व
श्रद्धांजलि समारोह को सफल बनाने में तपस्वी मौनी बाबा राजदह धाम समिति के अध्यक्ष सुरेश भारती, अन्य पदाधिकारियों, सदस्यों एवं स्थानीय ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version