रांची। चीफ सेक्रेटरी राजबाला वर्मा ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शिथिलता वह किसी भी स्तर का हो, बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस अपने कार्यों से अपराध और अपराधियों में खौफ तथा आम जनता में विश्वास पैदा करें। उन्होंने अपराध नियंत्रण एवं विधि व्यवस्था बनाएं रखने के लिये अपराध, अपराधियों, संगठित अपराधियों तथा संवेदनशील स्थल एवं अपराध संभावित क्षेत्र की प्रोफाइल तैयार करने का निर्देश दिया।
– सीएस ने कहा कि अपराध के विभिन्न सेक्टरों की प्रोफाइलिंग कर योजनाबद्ध तरीके से उसपर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि 13जी फोकस एरिया में जाकर माह में कम से कम चार बार कैंप करें।
– अपराध नियंत्रण के लिये सीसीए सहित सभी लंबित वारंटों को तुरंत अमल में लाने का, कुर्की के मामले निष्पादित करने, का निर्देश दिया गया है।
– सरकारी वकीलों के साथ प्रत्येक माह लंबित क्रिमनल वादों की समीक्षा करने तथा महत्वपूर्ण, संवदेनशील और जघन्य अपराध के वादों को फास्ट ट्रैक स्पीडी ट्रायल कराने का निर्देश दिया गया है। झारखंड अपराधमुक्त एवं भयमुक्त राज्य बने, यह सुनिश्चित करें।
– वे शनिवार को गृह, कारा विभाग की समीक्षा बैठक में सभी जिला के प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निदेश दे रही थीं।

जेलों में नियमित अंतराल पर छापेमारी सुनिश्चित हो

– मुख्य सचिव ने जेल प्रशासन को भी निर्देश दिया कि जेलों में नियमित अंतराल पर छापेमारी सुनिश्चित हो। अपराधियों का ई- प्रोडक्शन, ई- ट्रायल तथा ई- मुलाकात को पूर्णतः लागू करें। सभी कुख्यात अपराधी को अन्यत्र जेल में स्थानांतरित किया जाय।
– स्पीडी ट्रायल के लिये जितने भी वाद संसूचित हैं, उनका निष्पादन अविलंब कराएं तथा संगठित अपराध की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।
– मुख्य सचिव ने इंटेलीजेंस सूचना को अपराध नियंत्रण में कारगर बताते हुए कहा कि चौकीदार, विशेष शाखा के पदाधिकारी एवं अन्य माध्यमों को सजग और सक्रिय रखते हुए प्राप्त सूचना को गंभीरता से लेने का भी निर्देश दिया।
– साथ ही कहा कि दैनिक गश्ती, सभी लाज, होटल की नियमित चेकिंग तथा जुआ और शराब के अवैध अड्डे पर लगातार छापेमारी कर अपराध करने वालों के प्रति सख्ती से पेश आयें।
राज्य में अफीम की खेती न हो इसके लिये नारकोटिक्स अधिनियम के अनुरूप कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश

– मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने राज्य में अफीम की खेती न हो इसके लिये नारकोटिक्स अधिनियम के अनुरूप कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में चोरी से अवैध अफीम की खेती की जा रही है तथा दूसरे प्रदेशों में सप्लाई की जा रही है उनके संचालकों एवं सिंडीकेट की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

– उन्होंने निर्देश दिया है कि जिन खेतों में अफीम की खेती की जाती है, उनके रैयतों एवं संबंधित पंचायतों के मुखिया को नारकोटिक्स अधिनियम के तहत नोटिस भेजें।
– मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिस प्रकार दुर्गापूजा एवं मुहर्रम के त्यौहारों में प्रशासनिक सक्रियता दिखाई दी है ठीक उसी प्रकार बिना किसी लापरवाही के दिवाली, छठ और काली पूजा के अवसर पर विधि व्यवस्था बनी रहे इसके लिये समुचित प्रबंध किये जाएं। उन्होंने कहा कि छठ घाटों पर समुचित लाइट की व्यवस्था, साफ सफाई तथा अन्य सुविधाओं का ख्याल रखा जाए एवं घाटों पर रेस्क्यू की टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाय।
– मुख्य सचिव एवं डीजीपी ने संयुक्त रूप से निदेश दिया कि कहीं भी कोई साम्प्रदायिक घटना होती है तो उसे अत्यंत गंभीरता से लें। जो इसके लिये संभावित क्षेत्र हो तो उसे पूरी तरह सेंसेटाइज किया जाय। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पहले से ही कार्रवाई करें। पूर्व के अभियुक्त तथा संभावित लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाय।
– राजबाला वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपराध करने वालों के विरुद्ध पूरी कड़ाई एवं सख्ती से पेश आएगी। कानून ही सर्वोपरि है। डीसी और एसपी की सबसे अहम प्राथमिकता अपराध नियंत्रण होनी चाहिए।
– बैठक में मुख्य रूप से होम सेक्रेटरी एसकेजी रहाटे, डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी आरके मल्लिक, अजय कुमार सिंह, आईजी एमएल मीणा, नवीन कुमार सिंह, सुमन गुप्ता, डीआईजी शंभू ठाकुर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
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