रांची का नगड़ी देश का पहला प्रखंड बन गया है जहां पीडीएस से मिलनेवाले अनाज का पूरा पैसा अब लाभुक के खाता में पहुंचेगा. अब लाभुक डीलर से अपने हिस्से का पूरा अनाज ले पाएगा. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज राष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति अधिनियम के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का शुभारंभ किया. सीएम ने खुले मंच से विरोधियों पर प्रहार करने के साथ-साथ अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं. वहीं खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि कोई मुगालते में न रहे कि सरकार खैरात का अनाज व सामग्री बांट रही है. इसके पीछे लक्ष्य है कि देश कुपोषण रहित बने.

पीडीएस के लाभकुों को कैसे मिलेगा लाभ –

मासिक राशन के लिए रूपया 31.50 प्रति किलो की दर से लाभुक को 35 किलो अनाज का पैसा खाता में जाएगा.
* प्रति किलो एक रूपया अपने घर से लगाकर लाभुक अपने हिस्से का अनाज पीडीएस दुकान से खरीदेगा. * अब दुकानदार जितना अनाज देगा उतना ही पैसा ग्राहक देगा.
* अब न दुकानदार कम अनाज देंगे और न ही ग्राहक कम अनाज लेकर पैसा बचाएंगे.
* पैसा बचानेवाले ग्राहकों का लिमिट कम होगा.
* अगले तीन महीने में पीडीएस के पॉस मशीन में ही अनाज व पैसा दोनों के ट्रांजेक्शन का डाटा होगा.
* इससे अनाज की कालाबजारी, कम अनाज देने या नहीं देने की शिकायतें कम होंगी.

विभागीय सचिव ने डीलर्स को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसमें भी कोई भ्रष्टाचार किया गया तब सरकार लाभुकों को खुले बाजार में खरीदने की छूट देगी. अगर ऐसा कदम उठाने के लिए सरकार बाध्य हुई तब डीलर्स के रोजगार मारे जाएंगे.

बता दें कि पहले से ही बदनाम रहे पीडीएस सिस्टम में सुधार के कई कदम उठाए गए हैं. पिछले एक साल में सरकार गरीबों के 206 करोड़ रूपयों को बिचौलियों से बचाने में सफल रही है. अगर ये सिस्टम सही तरीके से काम करे तो यह विभाग गरीबों की नजर में सबसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाएगा.

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