अमेरिका में पुलिस को एक बच्ची का शव मिला और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह शव, दो सप्ताह पहले लापता हुई तीन वर्षीय भारतीय बच्ची का है.

शेरीन नामक यह बच्ची उस समय लापता हो गई थी जब उसके पिता वेस्ले मैथ्यूज (37) ने दूध पूरा नहीं पीने पर उसे कथित तौर पर डांटा था और उसे सजा के तौर पर देर रात घर से कथित रूप से बाहर निकाल दिया था.

मैथ्यूज ने एक भारतीय अनाथालय से दो साल पहले लड़की को कथित रूप से गोद लिया था. तीन वर्षीय शेरीन मैथ्यूज शारीरिक विकास संबंधी समस्या से ग्रसित है और उसे बात करने में दिक्कत होती है. उसे घर से बाहर निकाले जाने के बाद अंतिम बार सात अक्तूबर को डलास के रिचर्डसन में उसके घर के पीछे वाले हिस्से में देखा गया था.

शेरीन के मामले ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी ध्यान खींचा. सुषमा ने 19 अक्तूबर को ट्वीट किया था, “हम लापता बच्ची को लेकर बहुत चिंतित हैं. अमेरिका में भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से शामिल है और वे मुझे जानकारी दे रहे हैं” ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत अनुपम रे ने ट्वीट किया था, “हम शेरीन मैथ्यूज के मामले पर निकटता से नजर रख रहे हैं। हम समुदाय एवं प्राधिकारियों के संपर्क में हैं.” रिचर्डसन पुलिस ने घोषणा की कि उन्हें एक सड़क के नीचे एक सुरंग में बच्ची का शव मिला है. पुलिस ने आशंका जताई कि यह शव “संभवत:” शेरीन का है लेकिन उन्होंने शव की पहचान की पुष्टि नहीं की. यह शव वेस्ले मैथ्यूज और उसकी पत्नी सिनी मैथ्यूज के घर से करीब आधे मील की दूरी पर मिला है.

तलाश अभियान के तौर पर अधिकारियों ने सेंट्रल एक्सप्रेसवे के पूर्व में स्प्रिंग वैली और बॉउजर सड़कों के निकट एक इलाके को बंद कर दिया था. खोजी कुत्तों की मदद से सुरंग में सुबह करीब 11 बजे शव मिला.

पुलिस ने अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं दी है कि बच्ची की मौत कैसे हुई. हालांकि, उन्होंने इस बात का संकेत दिया कि उनके पास इस बात पर विश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि यह शव किसी और बच्चे का है.

शव की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है. चिकित्सकीय जांचकर्ता मौत के कारण का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. शेरीन को गोद लेने वाले उसके पिता वेस्ले मैथ्यूज को बच्चे को छोड़ने या उसकी जान खतरे में डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था. उसे बाद में 2,50,000 डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया गया था.

बताया जा रहा है कि मैथ्यूज केरल का रहने वाला है. गिरफ्तारी वारंट शपथपत्र के अनुसार, मैथ्यूज ने पुलिस को बताया कि उसने शेरीन को सात अक्तूबर को देर रात करीब तीन बजे घर से बाहर निकाल दिया था और उसे एक बड़े पेड़ के पास खड़े होने को कहा था.

शपथपत्र के अनुसार उसने स्वीकार किया कि उसे इस बात की जानकारी थी कि इलाके में जंगली जानवर देखे गए हैं. मैथ्यूज 15 मिनट बाद शेरीन को कथित रूप से देखने गया था लेकिन उसे शेरीन वहां नहीं मिली.

पुलिस सार्जंट केविन पेरलिच के अनुसार मैथ्यूज ने बताया कि इसके बाद वह कपड़े धोने से लिए अंदर आ गया और उसने निर्णय लिया कि वह सुबह उसकी तलाश करेगा या शेरीन के अपने आप लौटने तक सुबह तक का इंतजार करेगा.

पुलिस को पांच घंटे बाद बच्ची के लापता होने की जानकारी दी गई. मैथ्यूज ने एक भारतीय अनाथालय से दो साल पहले लड़की को कथित रूप से गोद लिया था.

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