रांची। रांची नगर निगम चुनाव में मतगणना को लेकर जिला प्रशासन पसोपेश में है। अभी तक कृषि बाजार समिति पंडरा में मतगणना होती है और यहीं वज्रगृह भी बनाया जाता है। लेकिन झारखंड चैंबर ने यहां मतगणना का विरोध करके हाइकोर्ट में याचिका लगायी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने 2020 के बाद पंडरा में मतगणना नहीं कराने और सरकार को मतगणना स्थल बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक इसे चिह्नित नहीं किया गया है। इस साल हुए पंचायत चुनाव की मतगणना भी पंडरा में हुई थी और अभी तक कई गोदाम खाली नहीं हुए हैं। इसके खिलाफ चैंबर ने अवमानना याचिका दायर की है। इस पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने रांची डीसी को नोटिस जारी कर पूछा है कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।
7 नवंबर को डीसी को देना है जवाब
इस बीच नगर निगम चुनाव की तैयारी भी शुरू हो गयी है, लेकिन जिला प्रशासन अभी तक तय नहीं कर सका है कि मतगणना कहां होगी। 7 नवंबर को जिला प्रशासन को हाइकोर्ट में जवाब भी देना है। इसे लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी पसोपेश में हैं। अंतिम समय में कोई स्थल तय नहीं हुआ तो अदालत से इस बार पंडरा में ही मतगणना कराने की मोहलत मांगी जायेगी।
मतगणना भवन के लिए जमीन की तलाश
मतगणना भवन बनाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जमीन चिह्नित करने काम शुरू हो गया है। वैसे नामकुम में जमीन चिह्नित पूर्व में ही की गयी थी, लेकिन अन्य विकल्प पर भी काम हो रहा है। जमीन चिह्नित नहीं होने से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत खेलगांव को भी मतगणना स्थल बनाया जा सकता है। क्योंकि, पंडरा कृषि बाजार की तरह यहां भी पर्याप्त जगह है और जाम लगने की संभावना भी नहीं रहेगी।
कारोबार होता है प्रभावित
पंडरा में मतगणना के लिए जिला प्रशासन कई दुकानों और गोदामों का अधिग्रहण करता है। हालांकि इसके लिए किराये का भुगतान भी किया जाता है, लेकिन चुनाव बीतने के करीब एक साल तक गोदाम और दुकान खाली नहीं किये जाते। इवीएम इसमें रखी रहती है। इससे कारोबार प्रभावित होता है। इस कारण झारखंड चैंबर ने दूसरे स्थान पर मतगणना कराने का आग्रह हाइकोर्ट से किया है।