आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने शुक्रवार को मनी लाउंड्रिंग मामले में कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल और रांची हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दिया। जांच के दौरान इडी ने माना है कि व्यवसायी अमित ने एक जनहित याचिका में बाधा पहुंचाने के लिए घूस देने के लिए एप्रोच किया और घूस दी। अधिवक्ता राजीव कुमार ने घुस की रकम स्वीकार कर ली। इस मामले में दोनों दोषी हैं। इडी ने पहला आरोपी अमित को माना है। वहीं दूसरा राजीव को। दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। इडी ने चार्जशीट में कोलकाता पुलिस पर भी सवाल उठाया है। साथ ही यह भी लिखा है कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गयी थी।
अमित अग्रवाल ने पैसा दिया था, जिसे अधिवक्ता ने स्वीकार कर लिया था। चार्जशीट में लिखा गया है कि दुर्गापुर के व्यवसायी सोनू अग्रवाल ने अधिवक्ता राजीव और उनके बेटे अभेद के लिए फ्लाइट की टिकट की व्यवस्था की थी। डील के मुताबिक पैसा कोलकाता में पहले जिस जगह देने की बात थी, वहां नहीं दिया गया। इसे दूसरी जगह मॉल में दिया गया। मॉल में क्यों पैसा दिया गया, इसका जवाब अमित अग्रवाल नहीं दे पाये। यहीं से साजिश की शुरूआत की बू भी आती है।
अमित ने किये हैं चौंकानेवाले खुलासे
वकील राजीव कुमार कैश कांड में कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल को इडी ने रिमांड पर लिया था। शुक्रवार को रिमांड की अवधि खत्म हो गयी। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इडी ने अमित अग्रवाल को फिर से रिमांड पर लेने के लिए अदालत से आग्रह नहीं किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इडी की टीम कोलकाता के साल्टलेक आवास से व्यवसायी अमित अग्रवाल को पूछताछ के लिए रांची लायी थी। उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद बाद रिमांड पर लेकर छह दिनों तक उससे पूछताछ की गयी। जानकारी के अनुसार इन छह दिनों की रिमांड के दौरान अमित अग्रवाल ने इडी के समक्ष कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं।
60 दिन पूरा करने से पहले चार्जशीट
इडी ने राजीव कुमार को 17 अगस्त को रिमांड पर लिया था। ऐसे में 60 दिन का समय पूरा होने के पहले ही इडी ने राजीव कुमार के मामले में शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल कर दिया। आपको बता दें कि कोलकाता पुलिस के एआरएस विभाग ने हैरिसन स्ट्रीट में अवस्थित व्यावसायिक परिसर से बीते 31 जुलाई की रात को 50 लाख नकद के साथ अधिवक्ता राजीव कुमार को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही वह पहले कोलकाता की जेल में थे। बाद में इडी ने पूछताछ के लिए राजीव कुमार को 12 दिनों की रिमांड पर भी लिया था। वह अभी रांची जेल में बंद हैं।