रांची। राज्य के 80 उत्कृष्ट विद्यालयों में हर्ष जोहार पाठ्यक्रम की शुरूआत की जा रही है। प्रोजेक्ट संपूर्णा के तहत छात्र-छात्राएं हर्ष जोहार पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे। इससे सामाजिक भावनात्मक शिक्षण के जरिये पढ़ाई होगी और नये शैक्षणिक सत्र से इसकी शुरूआत होगी। इसकी तैयारी को लेकर संबंधित उत्कृष्ट विद्यालयों के एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया जायेगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को इस आशय का निर्देश दिया गया है।
जेइपीसी की राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने दो चरणों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 10 से 14 अक्तूबर तक प्रशिक्षण होगा, जबकि दूसरे चरण का प्रशिक्षण 17 से 21 अक्तूबर तक होगा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जायेगा।
पहले चरण में 80 उत्कृष्ट विद्यालयों के एक-एक शिक्षक को और दूसरे चरण में एक-एक शिक्षक को हर्ष जोहार पाठ्यक्रम से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा। उत्कृष्ट विद्यालयों में सफलता के बाद अन्य विद्यालयों में भी इसे लागू करने की तैयारी है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों के रहने और भोजन की व्यवस्था जेसीइआरटी में ही की जायेगी।
इसके लिए संबंधित उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों की सूची जारी कर दी गयी है। सभी जिलों के माध्यम से इन शिक्षकों को प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा जायेगा। झारखंड में इस समय 60 स्कूलों में हर्ष जोहार पाठ्यक्रम चल रहा है। इसकी स्थिति बेहतर देखते हुए सरकार ने 80 उत्कृष्ट विद्यालयों में इसकी व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।