रांची। झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो सहित कई आईपीएस और आईएएस अधिकारी ईडी की राडार पर हैं। एक तरफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी का दायरा बढ़कर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो तब पहुंच गया है तो दूसरी तरफ पारा शिक्षकों ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। पारा शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के बयान पर भी नाराजगी व्यक्त की है।
शिक्षा मंत्री के साथ जो अधिकारी जांच के दायरे में हैं उनमें शिक्षा मंत्री के पीए पवन कुमार, पूर्व आईएएस केके खंडेलवाल, दिलीप झा, गिरिडीह एसपी अमित रेणू और गिरिडीह एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह के साथ कुछ कारोबारियों की जानकारी राज्य पुलिस मुख्यालय से मांगी गयी है। कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल से पूछताछ के बाद ईडी ने यह कदम उठाया है। आईजी मानवाधिकार ने सीआईडी से संबंधित लोगों पर दर्ज केस, आरोप पत्र व शिकायत का ब्योरा मांगा ।
बताया जाता है कि ईडी के डिप्टी डायरेक्टर विनोद कुमार ने राज्य पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। इस पत्र में उपरोक्त लोगों की जानकारी मांगी गयी है। ईडी को शिकायत मिली है कि पद पर रहते हुए इसका दुरुपयोग कर शिक्षा मंत्री व उनके पीए ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। सूत्रों के अनुसार झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू पर भी जांच की आंच आ सकती है।
पुलिस मुख्यालय से रिपोर्ट जब ईडी को मिलेगी, तभी आगे की कार्रवाई ईडी द्वारा की जायेगी। ईडी को शिकायत मिली है कि शिक्षा मंत्री व उनके पीए ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। गिरिडीह के एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह धनशोधन की गतिविधियों में सुदिव्य के साथ लिप्त हैं। कई जगह पर संपत्ति खरीदी है। कोयला क्षेत्र में धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार के खिलाफ ईडी को शिकायत मिली थी। गिरिडीह के एसपी अमित रेणू पर पद का दुरुपयोग करते हुए अपने व अपने परिजनों के नाम पर संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है।
ईडी के पत्राचार के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआईडी ने सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है। सीआईडी ने लिखा है कि पत्रों में जिन पर आरोप हैं, उनके विरुद्ध अगर कोई प्राथमिकी, चार्जशीट, कांड या वाद हो तो उससे संबंधित कागजात अपराध अनुसंधान विभाग को उपलब्ध कराएं। जिले से रिपोर्ट मिलने के बाद सीआईडी पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेगी। पुलिस मुख्यालय ईडी को रिपोर्ट भेजेगी।
राज्य के पारा शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
झारखंड के 65 हजार पारा शिक्षक एक बार फिर आंदोलन का मन बना रहे हैं। पारा शिक्षकों के एक धड़े ने सफल सहायक अध्यापक संघ के आह्वान पर टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षक आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। संघ ने वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर 18 अक्टूबर से मुख्यमंत्री आवास के समक्ष पांच दिवसीय धरना सह अनशन करने का निर्णय लिया गया है।
पारा शिक्षक भी शिक्षा मंत्री के उस बयान से आहत हैं जिसमें शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा था कि पारा शिक्षकों को वेतनमान नहीं दिया जा सकता। क्योंकि, उनकी नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का अनुपालन नहीं हुआ। टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों कहा है कि एनसीटीई और एनईपी के तमाम मानकों को पूरा करते हुए सरकारी शिक्षक बनने की अर्हता रखते हैं।