रांची। गृह मंत्री अमित शाह की ओर से विधि-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को लेकर सूरजकुंड में बुलाये गये चिंतन शिविर में झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। इस क्रम में उन्होंने विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष राज्य के लिए सहायता मांगी। राज्य सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान में तेजी लाने के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की एक बटालियन की मांग भी की है।
वित्त मंत्री डॉ उरांव ने चिंतन शिविर में कहा कि राज्य को विकसित करने और नक्सल मुक्त करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों में विशेष जोर दिया है। डॉ उरांव ने कहा कि जनवरी 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच 25 नये फॉरवर्ड कैंप स्थापित किये गये हैं। विकास गति को तेजी देने के लिए अप्रैल 2022 से अब तक 15 कोर एरिया में फारवर्ड कैंप बनाये गये हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के तंत्र ने केंद्रीय एजेंसी से मिल कर उग्रवाद के आॅक्सीजन यानि फंडिंग को रोकने का काम किया है।
झारखंड की केंद्र से मांग
आइटी एक्ट के संशोधन के सुझाव पर केंद्र विचार करे।
साइबर क्राइम रोकने के लिए केंद्र सहायता करे।
बोकारो, गढ़वा, हजारीबाग, पलामू, रांची और सिमडेगा स्पेशल सेंट्रल एसिस्टेंस से बाहर हो गये हैं, इसे शामिल करें।
केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की राज्य में प्रतिनियुक्ति संबंधित बकाया प्रतिपूर्ति राशि को केंद्र माफ करे।
एसपीओ के चयन में स्थानीय लोगों को रखने के लिए केंद्र नियम शिथिल करे।
केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की एक और बटालियन केंद्र उपलब्ध कराये।
निर्भया फंड का 61.30 करोड़ केंद्र सरकार दे़
एसआइएस की फोर्टिफाइड पुलिस थाना योजना के तहत और अधिक पुलिस थाना को शामिल किये जाने की आवश्यकता है़
केंद्र नक्सल के खिलाफ चलने वाले प्रभावी अभियान के लिए आॅप्स मेंडल की शुरूआत करे.