गुमला। पुलिस को भाकपा माओवादी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के मरवा गांव के भाकपा माओवादी के हार्डकोर नक्सली नेहरू मुंडा को गिरफ्तार किया है। नेहरू मुंडा (50) पर पुलिस पार्टी पर हमला करने का आरोप है। नक्सलियों से मिलकर नेहरू ने कुरूमगढ़ इलाके के जंगल में लैंड माइंस विस्फोट किया था, जिसमें एक पुलिस जवान का पैर उड़ गया था। इसके बाद से नेहरू फरार था।
एसडीपीओ विकास आनंद लांगुरी ने शनिवार को बताया कि एसपी के निर्देश पर उग्रवादियों एवं उग्रवादी समर्थकों के विरुद्ध गिरफ्तारी के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसपी को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुरूमगढ़ थाना के घोर उग्रवाद प्रभावित मरवा गांव निवासी उग्रवादी नेहरू मुंडा आये दिन मरवा गांव और आसपास के क्षेत्र में भाकपा माओवादी संगठन को क्षेत्र में समर्थन देने के लिए ग्रामीणों को डरा धमका रहा है।
एसडीपीओ ने बताया कि पहले से ही कुरुमगढ़ थाना के दो उग्रवादी कांडों आर्म्स एक्ट व विस्फोटक सामग्री रखने में वांछित है। एसपी के आदेश के बाद कुरुमगढ़ थानेदार नीतीश कुमार ने छापेमारी दल का गठन करते हुए मरवा गांव में छापेमारी कर बीती रात को नेहरू मुंडा को गिरफ्तार कर लिया। नेहरू मुंडा ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बयान में पूर्व में नक्सली घटनाओं में संलिप्तता को स्वीकार करते हुए क्षेत्र में उग्रवादियों को राशन पहुंचाने, पुलिस गतिविधि की सूचना पहुंचाने की बात को स्वीकार की है। छापेमारी में थानेदार नीतीश कुमार, एसआई अमर पोद्दार सहित सैट 13 के जवान मौजूद थे।
एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी ने बताया कि नेहरू मुंडा के खिलाफ कुरुमगढ़ थाना कांड संख्या 03/21 धारा 07.02.021, धारा 147/148/149/307/353 भादवि, 27 आर्म्स एक्ट 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 17 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है. इसके अलावा कुरुमगढ़ थाना कांड संख्या 05/21 धारा 25.02.021, धारा 147/148/149/307/353 भादवि, 27 आर्म्स एक्ट 3/4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 17 सीएलए एक्ट का केस दर्ज है।