विशेष
चार विधायक 2024 के संसदीय चुनाव में जीत कर सांसद बन गये
एक सांसद भी इस बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रही हैं
नमस्कार। आजाद सिपाही विशेष में आपका स्वागत है। मैं हूं राकेश सिंह।
झारखंड विधानसभा के पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का काम खत्म हो गया है और दूसरे चरण के चुनाव के लिए नामांकन भरने का काम अभी चल रहा है। इस चुनाव के लिए सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। झारखंड विधानसभा के इस चुनाव का एक बेहद दिलचस्प पहलू घोषित उम्मीदवारों की सूची पर नजर दौड़ाने से सामने आया है। यह है निवर्तमान विधायकों पर दोबारा भरोसा जताना। झारखंड की विधानसभा में कुल 81 विधायक चुने जाते हैं। 2019 और 2024 के बीच कुल सात विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कारणों से उप चुनाव कराया गया, जिसमें केवल एक सीट रामगढ़ में बदलाव हुआ। बाकी छह सीटों पर उसी पार्टी का कब्जा रहा, जिसने 2019 में उस सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार के चुनाव के लिए विभिन्न दलों द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची देखने से पता चलता है कि इस बार अधिकांश सीटिंग विधायकों पर राजनीतिक दलों ने भरोसा जताया है। झारखंड की पांचवीं विधानसभा के 81 सदस्यों में से कुल 70 को एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है। जिन 11 विधायकों को टिकट नहीं मिला है, उनमें से चार तो सांसद बन गये हैं। हालांकि कई ऐसे सीटिंग विधायक भी हैं, जिन्होंने पार्टी बदल ली है और नयी पार्टी ने भी उन्हें उनके चुनाव मैदान में उतारा है।

इतनी बाड़ी संख्या में सीटिंग विधायकों को चुनाव मैदान में उतारने का मतलब यही है कि झारखंड चुनाव को लेकर कोई भी दल किसी भी तरह का रिस्क उठाने या कोई नया प्रयोग करने के लिए तैयार नहीं है। सीटिंग विधायकों को दोबारा टिकट दिये जाने की इस प्रवृत्ति के पीछे क्या है राजनीति और क्या है इसका संकेत, बता रहे हैं आजाद सिपाही के विशेष संवाददाता राकेश सिंह।
झारखंड की छठी विधानसभा का चुनाव करने के लिए गतिविधियां पूरे उफान पर हैं। दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को होनेवाले चुनाव में कुल 81 विधायक चुने जायेंगे। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन भरने का काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का काम चल रहा है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ इंडी गठबंधन और विपक्षी एनडीए के बीच है। इंडी गठबंधन में झामुमो के साथ कांग्रेस, राजद और भाकपा माले है, जबकि एनडीए में भाजपा के साथ आजसू, जदयू और लोजपा-आर है। चुनाव के लिए इन सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। प्रत्याशियों की सूची पर नजर दौड़ाने से एक बात साफ जाती है कि इस बार कोई भी दल किसी किस्म का खतरा मोल लेने के लिए तैयार नहीं है।
इस बात का संकेत इसी तथ्य से मिल जाता है कि इस विधानसभा चुनाव में विभिन्न दलों ने पांचवीं विधानसभा के 81 सदस्यों में से 70 पर भरोसा जताया है। इनका टिकट अलग-अलग पार्टियों ने कन्फर्म कर दिया है। जिन 11 सीटों पर विधायकों को टिकट नहीं मिला है, उनमें से चार विधायक इस वर्ष लोकसभा का चुनाव जीत कर सांसद बन गये हैं। वहीं, पांच विधायकों को संबंधित पार्टियों ने टिकट नहीं दिया। जबकि दो सीटिंग विधायकों की सीट पर संबंधित पार्टियों ने अब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है।

भाजपा ने 24 सीटिंग विधायकों को टिकट दिया है
जिन 70 वर्तमान विधायकों को अब तक टिकट मिला है, उनमें 24 भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इनमें 18 वैसे विधायक हैं, जो पिछले चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर जीते थे। जबकि भाजपा ने छह वैसे विधायकों को भी चुनाव मैदान में उतारा है, जो वर्ष 2019 का चुनाव भाजपा से नहीं लड़े थे। भाजपा ने पिछले चुनाव में पार्टी के टिकट पर जीतने वाले जिन विधायकों को फिर से मैदान में उतारा है, उनमें राजमहल से अनंत ओझा, सारठ से रणधीर सिंह, देवघर से नारायण दास, गोड्डा से अमित मंडल, कोडरमा से नीरा यादव, बोकारो से बिरंची नारायण, चंदनकियारी से अमर बाउरी, धनबाद से राज सिन्हा, निरसा से अर्पणा सेनगुप्ता, खूंटी से नीलकंठ सिंह मुंडा, तोरपा से कोचे मुंडा, रांची से सीपी सिंह, हटिया से नवीन जायसवाल, पांकी से कुशवाहा शशिभूषण मेहता, डाल्टनगंज से आलोक चौरसिया, विश्रामपुर से रामचंद्र चंद्रवंशी, छतरपुर से पुष्पा देवी और भवनाथपुर से भानुप्रताप शाही शामिल हैं। वहीं पार्टी ने धनवार से बाबूलाल मरांडी, बरकट्ठा से अमित यादव, हुसैनाबाद से कमलेश सिंह, जामताड़ा से सीता सोरेन, सरायकेला से चंपाई सोरेन और बोरियो से लोबिन हेंब्रम को मैदान में उतारा गया है। ये सभी पिछले चुनाव में अलग-अलग दलों के टिकट पर चुनाव लड़े थे और विधायक बने थे। 2019 के चुनाव में भाजपा ने 25 सीटों पर जीत हासिल की थी।

झामुमो ने 25 विधायकों को दिया टिकट
झामुमो ने 41 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। इनमें 25 सीटों पर वर्तमान विधायकों को पार्टी ने टिकट दिया है। जिन 25 सीटों पर विधायकों को टिकट मिला है, उनमें से 24 विधायक पिछले चुनाव में झामुमो के टिकट पर चुनाव जीते थे।
झामुमो ने बरहेट से हेमंत सोरेन, महेशपुर में स्टीफन मरांडी, नाला से रविंद्रनाथ महतो, दुमका से बसंत सोरेन, मधुपुर से हफीजुल हसन, गांडेय से कल्पना सोरेन, गिरिडीह से सुदिव्य कुमार, डुमरी से बेबी देवी, टुंडी से मथुरा महतो, बहरागोड़ा से समीर मोहंति, घाटशिला से रामदास सोरेन, पोटका से संजीव सरदार, जुगसलाई से मंगल कालिंदी, ईचागढ़ से सबिता महतो, चाईबासा से दीपक बिरुवा, मझगांव से निरल पुरती, खरसावां दशरथ गगराई, तमाड़ से विकास मुंडा, गुमला से भूषण तिर्की, लातेहार से बैजनाथ राम, चक्रधरपुर से सुखराम उरांव, सिसई से जिगा सुसारण होरा, बिशुनपुर से चमरा लिंडा और गढ़वा सीट से सीटिंग विधायक मिथिलेश ठाकुर को टिकट दिया है। पार्टी जमुआ में दूसरे दल से आये विधायक केदार हाजरा को टिकट दिया है।

कांग्रेस ने 16 विधायकों को मैदान में उतरा
कांग्रेस ने अब तक 25 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इनमें 16 विधायक शामिल हैं। जिन 16 सीटों पर विधायकों को टिकट मिला है, उनमें से 14 विधायक पिछले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। इनमें जामताड़ा से डॉ इरफान अंसारी, जरमुंडी से बादल पत्रलेख, महगामा से दीपिका पांडेय सिंह, बड़कागांव से अंबा प्रसाद, बेरमो से कुमार जयमंगल, झरिया से पूर्णिमा नीरज सिंह, जमशेदपुर पश्चिम से बन्ना गुप्ता, जगन्नाथपुर से सोनाराम सिंकू, खिजरी से राजेश कच्छप, मांडर से शिल्पी नेहा तिर्की, सिमडेगा से भूषण बाड़ा, कोलेबिरा से नमन विक्सल कोंगाड़ी, लोहरदगा से डॉ रामेश्वर उरांव और मनिका से रामचंद्र सिंह शामिल हैं। पार्टी ने पोड़ैयाहाट से प्रदीप यादव और मांडू से जयप्रकाश भाई पटेल को उतारा है। ये दोनों पिछले चुनाव में क्रमश: झाविमो और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे।

आजसू से तीन और जदयू से एक विधायक लड़ रहे चुनाव
इसी तरह आजसू ने आठ सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इनमें आजसू के तीन वर्तमान विधायक को फिर से टिकट दिया गया है। सिल्ली से सुदेश महतो, रामगढ़ से सुनीता चौधरी और गोमिया से लंबोदर महतो आजसू के टिकट पर फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, जदयू के टिकट पर जमशेदपुर पश्चिमी से वर्तमान विधायक सरयू राय चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले चुनाव में इन्होंने जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय जीत दर्ज की थी। भाकपा माले ने बगोदर से वर्तमान विधायक विनोद सिंह को टिकट दिया है।

ये विधायक सांसद बन गये
वर्ष 2019 में हजारीबाग, बाघमारा, मनोहरपुर और शिकारीपाड़ा से जीत दर्ज करने वाले विधायक इस वर्ष लोकसभा चुनाव में सांसद बन गये। इनके नाम क्रमश: मनीष जायसवाल, ढुल्लू महतो, जोबा मांझी और नलिन सोरेन हैं। इनके अलावा 2019 में गांडेय से झामुमो के टिकट पर चुने गये सरफराज अहमद ने इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा चले गये। वहां हुए उप चुनाव में झामुमो की कल्पना सोरेन ने जीत दर्ज की थी।

इन विधायकों का कटा टिकट
भाजपा ने तीन सीटिंग विधायकों का टिकट काटा है, जबकि झामुमो और कांग्रेस ने एक-एक विधायकों को टिकट नहीं दिया है। भाजपा ने जिन विधायकों का टिकट काटा है, उनमें कांके से समरी लाल, सिमरिया से किशुन दास और सिंदरी से इंद्रजीत महतो शामिल हैं। झामुमो ने लिट्टीपाड़ा के वर्तमान विधायक दिनेश विलियम मरांडी को टिकट नहीं दिया है, जबकि कांग्रेस ने बरही के विधायक उमाशंकर अकेला का टिकट काट दिया है।

सीटिंग विधायकों को दोबारा टिकट देने के मायने
इतनी बड़ी संख्या में सीटिंग विधायकों को टिकट देने का मतलब यही निकलता है कि झारखंड का यह चुनाव बेहद करीबी होनेवाला है। कोई भी दल किसी किस्म का रिस्क नहीं लेना चाहता है और हर सीट पर उसी चेहरे को एक बार फिर मौका दिया गया है, जिसने 2019 में या फिर उप चुनाव में अपनी पार्टी के लिए जीत का परचम लहराया था।

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