नवादा। माता सीता की वनवास स्थली के रूप में प्रशिद्ध नवादा जिला अंतर्गत मेसकौर प्रखंड के सीतामढ़ी स्थित छठ घाट का बुधवार को सफाई सीतामढ़ी विकास फाउंडेशन के सदस्यों के द्वारा श्रमदान से किया जा गयाहै।

इलाके का सबसे बड़ा तालाब सीतामढ़ी में है, जिसमें अगल-बगल के दर्जनों गांव के लगभग 5000 छठ वर्ती अरघ देने आते हैं लेकिन तालाब में पानी की कमी और गंदगी परेशानी का सबब बन गया है ।सीतामढ़ी विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय यादव ने मीडिया कर्मियों को बतलाया कि प्रशासन के उदासीन रवैया के कारण साफ सफाई नहीं हो पाया है पूरे नवादा जिला में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला मेला भी सीतामढ़ी में अगहन पूर्णिमा से लगता है लेकिन व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति होती है।

इस मामले में मेसकौर अंचल अधिकारी अभिनव राज ने बतलाया कि ग्रामीणों से प्राप्त आवेदन के उपरांत मनरेगा से छठ घाट की साफ सफाई कराई जा सकती है लेकिन प्रखंड स्तर पर अभी तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है सीतामढ़ी विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय यादव ने बताया कि निजी फंडिंग और सदस्यों के श्रमदान से छठ पूजा तक सभी व्यवस्था सुदृढ़ कर लिए जाएंगे ताकि छठ भारतीयों को कोई परेशानी ना हो

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