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मंईयां ने बंटोरी सुर्खियां, गोगो की बढ़ रही लोकप्रियता
अब जनता के बीच दलों की के्रडिबिलिटी ही बनेगी असली ताकत
नमस्कार। आजाद सिपाही विशेष में आपका स्वागत है। मैं हूं राकेश सिंह।
झारखंड का विधानसभा चुनाव बहुत ही रोचक मोड़ पर आ चुका है। यहां दलों की योजनाओं और घोषणाओं के बीच लड़ाई तेज हो चुकी है। एक तरफ जहां सत्ताधारी दल मंईयां सम्मान योजना के तहत मतदाताओं को आकर्षित कर रहा है, वहीं भाजपा ने गोगो दीदी योजना की घोषणा कर सत्ता पक्ष को कड़ी चुनौती पेश कर दी है। इसके इतर अब हड़बड़ाहट में लिया गया फैसला या इसे गोगो दीदी का काट कहा जाये, जेएमएम ने खासकर झामुमो सम्मान योजना लाने का फैसला किया है। इसके फॉर्म भी सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगे हैं। इस योजना के जरिये एक अलग ही राजनीतिक मैसेज गया है। अब राजनीतिक तौर पर इससे कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। खैर योजनाओं और घोषणाओं के बीच का यह युद्ध अब बड़ा स्वरूप लेने को बेचैन है। हर पक्ष अब एक दूसरे की काट ढूंढ़ने में लगा हुआ है। लेकिन इस आर्थिक लाभ के जारी जंग में फायदा जनता को होता जरूर दिख रहा है। अब यह जनता को तय करना है कि वह किस पर ज्यादा भरोसा करती है। वहीं राजनीतिक दलों के सामने चुनौती यह है कि वे जनता को कितनी इमानदारी से अपनी ओर आकर्षित कर पाते हैं। क्योंकि मेवा तो बंट रहा है और मेवा का स्वाद तो हर कोई चखना चाहता है, लेकिन किसका मेवा उच्चस्तरीय क्वालिटी का होगा और कितना टिकेगा, जनता इस पर अपना पक्ष रखेगी। यानी जनता किस पर अपना भरोसा दिखायेगी, यह पैमाना जनता ही निर्धारित करेगी। भाजपा ने जबसे गोगो दीदी योजना की घोषणा की है, उससे सत्ता पक्ष सतर्क हो चुका है, क्योंकि जनता के बीच गोगो दीदी योजना की लोकप्रियता भी देखने को मिल रही है। खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी इस योजना का फॉर्म भरवाने निकल चुके हैं। भाजपा का टारगेट है कि इसके जरिये ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक वह कनेक्ट कर सकें। पहले चरण में करीब 50 लाख फॉर्म भरवाने का टारगेट है। इसे भी कई स्टेजेस में बांटा गया है। इस योजना की लोकप्रियता से भाजपा के कार्यकर्ता खासा उत्साहित भी हैं। वैसे हरियाणा का चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा का मनोबल बढ़ा हुआ है। मंईयां सम्मान योजना या गोगो दीदी योजना से सत्ता और विपक्ष ने किस तरह सत्ता पर काबिज होने का सपना पाल रखा है, इसे बता रहे हैं आजाद सिपाही के विशेष संवाददाता राकेश सिंह।

मच गयी होड़ कौन कितना देगा मुफ्त
झारखंड में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। हर तरफ चुनावी शोर मचा हुआ है। किसको मिलेगा टिकट, यह सवाल हवा में तैर रहा है। सभी अपने-अपने आकलन में लगे हुए हैं। पूजा-पाठ भी कर रहे हैं। इस नवरात्रि देवी को खुश करने के लिए विशेष पूजा अर्चना भी की गयी। झारखंड में पंडालों का भव्य निर्माण कराया गया था। विधानसभा चुनाव होने के कारण हर पंडाल की चमक बढ़ गयी थी। कुछ पंडालों में तो राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी साफ देखने को मिली। एक पंडाल के सामने तो जेएमएम के नेता ने नरेंद्र मोदी तक से सवाल पूछ लिये। जेएमएम के नेता ने सवाल के नाम पर जनता को यह बता दिया कि केंद्र सरकार ने क्या-क्या नहीं किया। जनता भी उन पोस्टरों पर अपना-अपना विचार रख रही थी। कौन बनायेगा सरकार, अब इस पर चर्चा जोर पकड़ रही है। सट्टा बाजार भी गरम हो रहा है। लोग तो आपस में ही शर्त लगा रहे हैं कि इस बार किसकी सरकार बननेवाली है। पिछले दो महीने से मंईयां सम्मान योजना राज्य में सुर्खियां बटोरे हुई थी। उसकी काट में भाजपा ने इसी माह गोगो दीदी योजना की घोषणा कर दी। घोषणा के समय तो लगा कि यों ही यह घोषणा मात्र बन कर रह जायेगी, लेकिन समय के साथ इस योजना ने भी लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता की चादर फैलानी शुरू कर दी है। सच तो यह भी है कि इस योजना ने सत्ता पक्ष के माथे पर बल ला दिया है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक भाजपा ने गोगो दीदी योजना के लिए लगभग पचास लाख फार्म वितरित किये हैं। हर विधानसभा में लगभग पचास हजार फार्म पहले भेजे गये थे, उसके बाद कुछ विधानसभा क्षेत्रों में बीस-बीस हजार फार्म और भेजे गये हैं। जिस हिसाब से लोग इस योजना को भी दोनों हाथों से लपकना चाहते हैं, उससे सत्ता पक्ष में यह मैसेज चला गया है कि मंईयां सम्मान योजना से यह योजना कमजोर नहीं है। अगर मंईयां सम्मान योजना फीकी पड़ती नहीं दिखती, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा झामुमो सम्मान योजना की घोषणा नहीं करता। वैसे खबर तो यहां तक उड़ रही है कि सत्ता पक्ष मंईयां सम्मान योजना को और धार देनवाला है। जल्द ही इस पर सरकार कुछ बड़ा विचार कर सकती है। हालांकि यह सब कुछ हवा में तैर रहा है, सरकार की तरफ से अभी तक किसी प्रकार की घोषणा नहीं की गयी है। अभी तक जिस तरह से सत्ता और विपक्ष की तरफ से झारखंड में मुफ्त की घोषणाओं की झड़ी लगायी जा चुकी है, उसमें यह कहना मुश्किल हो रहा है कि अब झारखंड में क्या कुछ मुफ्त नहीं मिलेगा। होड़ इस बात की लग चुकी है कि कौन कितना मुफ्त की रेवड़ी बांटेगा। इन मुफ्त घोषणाओं के कारण भविष्य में झारखंड का कितना विकास हो पायेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। कौन अपने वादों पर खरा उतरेगा यह भी वक्त बतायेगा।

गोगो दीदी योजना का लक्ष्य
भाजपा ने गोगो दीदी योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपये देने का वादा किया है। वहीं पहले चरण में करीब 50 लाख फॉर्म महिलाओं से भरवाने का टारगेट है। राज्य में करीब 29 हजार बूथ हैं। सभी बूथ पर 100 से लेकर 200 फार्म भराने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना को लेकर भी लोग उत्साहित हैं। लेकिन यहां एक और बात ध्यान रखने वाली है कि जिसे यह फॉर्म नहीं मिल रहा, वह नाराज भी हो रहा है। इसे भाजपा कैसे सॉल्व करेगी, यह देखने वाली बात होगी। वैसे जेएमएम भी इस योजना का काट ढूंढ़ने में लगा हुआ है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अब झामुमो सम्मान योजना लाने का फैसला किया है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये यानी सालाना 30 हजार रुपये देने की बात हो रही है। इसका फार्म भी तैयार हो चुका है। लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह पार्टी की अपनी योजना है या सरकार की। अगर सरकार की योजना होगी, तो उसका नाम झामुमो सम्मान योजना नहीं हो सकता। इससे पहले झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य की 18 से 50 साल तक की महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये दिये जा रहे हैं। इस योजना की तीसरी किस्त के रुपये महिलाओं के खाते में डाल दिये गये हैं। विधानसभा चुनाव से पहले ऐसी घोषणाओं को मतदाताओं को लुभाने से जोड़ा जा रहा है। गौरतलब है कि भाजपा द्वारा गोगो दीदी योजना का फॉर्म भरवाये जाने पर सीएम हेमंत सोरेन ने विरोध जताया था। उन्होंने डीसी को कार्रवाई करने को कहा था। लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी अब खुद मैदान में उतर चुके हैं। वह खुद फॉर्म भरवा रहे हैं।

चुनाव आयोग से मांगी झामुमो सम्मान योजना की अनुमति
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मिला। उन्हें एक पत्र सौंपा। इसमें कहा गया है कि भाजपा गोगो दीदी योजना के लिए फॉर्म भरवा रही है। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, पंचायत, ब्लॉक और जिले का विवरण मांगा जा रहा है। यह चुनावी हथकंडा है। यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। इस प्रावधान के तहत यह रिश्वत का प्रलोभन है। झामुमो नेताओं ने कहा-अगर भाजपा गोगा दीदी योजना के लिए आवेदन ले सकती है तो झामुमो सम्मान योजना के लिए क्यों नहीं लिया जा सकता। इसलिए हमें भी झामुमो सम्मान योजना शुरू करने की अनुमति दी जाये। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिलने के बाद विनोद कुमार पांडेय ने कहा-इस योजना के तहत राज्य की सभी महिलाओं को सालाना 30 हजार रुपये दिये जायेंगे। पार्टी पहले ही यह फैसला ले चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मंईयां सम्मान योजना चलायी जा रही हे। इसके तहत महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपये दिये जा रहे हैं। पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने अब झामुमो सम्मान योजना शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने उन्हें उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

भाजपा के पंच प्रण पर जनता को अटूट विश्वास: बाबूलाल मरांडी
झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के साथ ही माताओं बहनों को स्वावलंबी बनाने के लिए गोगो दीदी योजना के तहत बैंक खाते में हर महीने की 11 तारीख को 2,100 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जायेगी। भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में माताओं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की ऐसी योजनाएं पहले से ही क्रियान्वित हैं। मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना, छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना, महाराष्ट्र में लाडली बहन योजना, ओड़िशा में सुभद्रा योजना के माध्यम से माताओं बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गोगो दीदी योजना के प्रति झारखंड की माताओं बहनों का उत्साह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी के पंच प्रण पर जनता विश्वास कर रही है।

 

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