रांची। राज्यसभा चुनाव 2016 में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए बड़कागांव के तत्कालीन विधायक निर्मला देवी को लालच देने के मामले में आरोपी सीआइडी के तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता एवं एवं तत्कालीन सीएम रघुवर दास के प्रेस सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ सीबीआइ जांच का आग्रह करने वाली दानियल दानिश की याचिका की आंशिक सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई।

मामले में राज्य सरकार ने हाइकोर्ट की एकल पीठ को जानकारी दी कि राज्यसभा चुनाव वर्ष 2016 में खरीद-फरोख्त के मामले की सीबीआइ जांच की क्रिमिनल रिट पर हाइकोर्ट की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगायी है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ने मामले में हाइकोर्ट द्वारा सीबीआइ से इंस्ट्रक्शन लेने के 27 सितंबर 2024 के हाइकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दानियल दानिश की ओर से दायर क्रिमिनल रिट की प्रोसिडिंग पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार का जवाब सुनने के बाद हाइकोर्ट की एकल पीठ ने सुनवाई अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दी।

हाइकोर्ट में इससे संबंधित मामले में पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का कहना था कि इस संबंध में योगेंद्र साव द्वारा मामले की सीबीआइ जांच कराने की आग्रह को हाइकोर्ट ने पूर्व में खारिज कर दिया है। प्रार्थी न तो मामले के सूचक है और नहीं गवाह है। इसलिए यह याचिका का सुनवाई योग्य नहीं है। दरअसल, दानियल दानिश ने राज्यसभा चुनाव वर्ष 2016 में खरीद-फरोख्त की सीबीआइ जांच का आग्रह किया है। इससे पहले योगेंद्र साव ने भी पूर्व में इस मामले की सीबीआइ जांच का आग्रह किया था जिससे हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया था।

 

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