बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा. बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार और घोटाले का मुद्दा उठाया.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि घोटाले तो रोज उजागर हो रहे हैं, क्या कार्रवाई हो रही है? आपलोग कहते फिर रहे हैं कि अब डबल इंजन लग गया है विकास तेजी से होगा. तो आप ही बताइए कि डबल इंजन विकास के लिए लगा है या घोटाले के लिए?
विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया है जिसे अमान्य कर दिया गया. हालांकि इसके बावजूद तेजस्वी यादव को सदन में बोलने का मौका दिया गया. इस पर संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष से आपत्ति भी दर्ज कराई.
उधर, तेजस्वी यादव के आरोप का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि करप्शन और घोटाले के दोषी अगर पाताल में भी छिपे होंगे तो उन्हें हम ढूंढ निकालेंगे और कड़ी सजा दिलवाएंगे. दोषी जो भी हो, किसी को बचाने का सवाल ही नहीं उठता.पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि राजद का कानून-व्यवस्था के बारे में सवाल उठाना हास्यास्पद है. राजद ने अपने शासनकाल में बिहार को तबाह-बर्बाद कर अपराधियों का राज कायम कर दिया था.