नयी दिल्‍ली। राजस्थान में कांग्रेस के पूर्व महासचिव सी पी जोशी के बयान को लेकर विवाद थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जातिगत टिप्पणी करने के आरोप में ​सीपी जोशी को नोटिस भेज दिया है। हालांकि, पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद जोशी ने खेद व्यक्त किया था। राहुल गांधी ने जोशी के कथित विवादित बयान को खारिज करते हुए कहा था कि उन्हे खेद प्रकट करना चाहिए। राहुल की इस टिप्पणी के बाद जोशी ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के सिद्धांतों एवं कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए मेरे कथन से समाज के किसी वर्ग को ठेस पहुंची हो तो मैं उसके लिए खेद प्रकट करता हूं।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा था कि सी पी जोशी जी का बयान कांग्रेस पार्टी के आदर्शों के विपरीत है। पार्टी के नेता ऐसा कोई बयान न दें, जिससे समाज के किसी भी वर्ग को दुख पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सिद्धांतों, कार्यकर्ताओं की भावना का आदर करते हुए जोशीजी को जरूर गलती का अहसास होगा। उन्हें अपने बयान पर खेद प्रकट करना चाहिए।

क्या है मामला
सोशल मीडिया एवं कुछ चैनलों पर प्रसारित वीडियो के मुताबिक, जोशी प्रधानमंत्री मोदी एवं उमा भारती की जाति पर कथित तौर पर सवाल करते हुए कह रहे हैं कि धर्म पर केवल ब्राह्मण ही बात कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि जोशी ने यह कथित बयान राजस्थान के नाथद्वारा में दिया है, जहां से वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

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