खूंटी। रनिया थाना क्षेत्र में करीब एक महीना पहले नौ साल की मासूम के साथ गांव के ही अधेड़ ने हैवानियत की। आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसे लेकर इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
क्या है घटना
जापुत बड़का टोली निवासी तीन बच्चों के पिता 50 वर्षीय जुलियस भेंगरा उर्फ जुलू ने चौथी क्लास में पढ़नेवाली पीड़िता को जबरन घर से उठा लिया और जंगल में रात भर उसे अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। सुबह उस दरिंदे ने बेहोशी की हालत में पीड़िता को गांव के एक व्यक्ति के घर के पास छोड़ दिया और फरार हो गया।
इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि रनिया थाना पुलिस एक महीने से मामले को दबाये बैठी है। पीड़िता के परिजनों ने एक माह पहले रनिया थाने में जुलियस के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है, पर पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच करा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। एक महीने से पीड़िता और उसके परिजन न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़िता के माता-पिता अपने भाई के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए 14 अक्टूबर को ओड़िशा गये थे। घर में सिर्फ पीड़िता के वृद्ध दादा और नाबालिग भाई थे। रात लगभग आठ बजे जुलियस भेंगरा पीड़िता को जबरन उठा कर पास के जंगल में ले गया और रात भर मनमानी करता रहा। सुबह बेहोशी की हालत में जुलू ने उसे गांव के व्यक्ति के घर के पास छोड़ दिया।
सोमवार को दिन भर जुलू गांव में ही रहा और मंगलवार को फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्ची के माता-पिता 17 अक्टूबर को गांव पहुंचे और 18 अक्टूबर को रनिया थाना जाकर जुलियस उर्फ जुलू के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया। 19 अक्टूबर को पीड़िता की खूंटी सदर अस्पताल में मेडिकल जांच करायी गयी। उसके बाद पुलिस मामले पर कुंडली मार कर बैठ गयी। एक महीने के बाद भी आरोपी दरिंदा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस संबंध में पूछे जाने पर एएसपी सह तोरपा के एसडीपीओ ऋषभ कुमार झा ने कहा कि पुलिस दुष्कर्मी को गिरफ्तार करने का लगातार प्रयास कर रही है। बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा।