. दिवाली (Diwali) पर पटाखे बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के दिशा-निर्देश साफ हैं. इसके बावजूद सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के चलते देशभर के पटाखा कारोबारियों को हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. ऐन वक्त पर पटाखों (Firecrackers) को बैन कर दिया गया. जिसके चलते बड़े-छोटे, बेहद मामूली स्तर के पटाखे बनाने और बेचने वालों को करीब 10 हज़ार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ही एक-एक दुकान में 5 से 8 लाख रुपये तक का माल भरा हुआ था. कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इस बारे में जानकारी दी है.

देशभर के बाज़ारों में जमकर बिका यह सामान
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की रिटेल व्यापार के विभिन्न वर्गों जिसमें खासतौर पर भारत में बने एफएमसीजी उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएं, खिलौने, बिजली के उपकरण और सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रसोई के सामान, उपहार की वस्तुएं, मिठाई-नमकीन, घर का सामान, टेपेस्ट्री, बर्तन, सोना-चांदी, जूते, घड़ियां, फर्नीचर, कपड़े, कपड़ा, घर की सजावट का सामान, मिट्टी के दिए सहित दिवाली पूजा का सामान, सजावटी सामान जैसे दीवार की लटकने, हस्तकला की वस्तुएं, वस्त्र, घर द्वार पर लगाने वाले शुभ-लाभ, ओम, देवी लक्ष्मी के चरण आदि अनेक त्योहारी सीजन वस्तुओं की बिक्री बहुत अच्छी रही है. दिवाली पर 72 हज़ार करोड़ का हो गया कारोबार
कैट की मानें तो इस बार दिवाली पर 72 हज़ार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. जबकि बीते साल दिवाली के मौके पर 65 हज़ार करोड़ का कारोबार हुआ था. खास बात है कि 40 हज़ार करोड़ रुपये के चीने के बने सामान का बॉयकट भी किया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी समर्थन दिया गया. जिसे देखकर कहा जा सकता है कि कोरोना के चलते बीते 8 महीने से चला आ रहा बाज़ारों का सूखा भी खत्म हो गया है.

देश के इन 20 शहरों में होता है सर्वे
कैट के प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि 20 शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, नागपुर, रायपुर, भुवनेश्वर, रांची, भोपाल, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, जम्मू, अहमदाबाद, सूरत, कोचीन, जयपुर, चंडीगढ़ को कैट “वितरण शहर” मानता है और विभिन्न विषयों पर नियमित सर्वेक्षण कराता है.

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version