रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड जनजातीय परामर्शदात्री परिषद (टीएसी) की तीसरी बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

  • -पर्यावरण और जनजातीय संस्कृति का संरक्षण करते हुए राज्य में परिवेशीय अनुकूलन पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा।
  • -लघु वन उत्पाद की खरीद-बिक्री के लिए सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड कार्यरत है। इसी के अंतर्गत व्यापक रूप से लघु वन उत्पाद की खरीद-बिक्री कर वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की अधिक से अधिक आय वृद्धि हो, इसके लिए पहल किये जाने का निर्णय लिया गया।
  • -वनाधिकार अधिनियम-2006 के अन्तर्गत अधिक से अधिक सामुदायिक पट्टा दिये जाने और उसमें अधिक से अधिक वन भूमि का उपयोग वन विभाग के नियमों एवं पर्यावरण के अनुकूल किये जाने पर जोर दिया गया।
  • -जनजातीय भाषा में कक्षा एक से पांच तक के लिए अध्ययन और जनजातीय भाषाओं के अधिक से अधिक उपयोग पर डा. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान के माध्यम से अध्ययन कराते हुए एक नीति बनायी जायेगी। साथ ही जनजातीय भाषाओं में अधिक से अधिक पाठ्य पुस्तकों का अनुवाद कराते हुए उसका वितरण कराये जाने का निर्णय लिया गया।
  • -जनजातीय भाषाओं के शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। आवश्यकता अनुसार पद सृजन भी होगा।
  • -होड़ोपैथी आदिवासी ज्ञान परंपरा का गौरवपूर्ण हिस्सा रहा है। इसको देखते हुए इसके वैज्ञानिक विश्लेषण, अध्ययन, अनुसंधान, प्रकाशन के साथ सीएसआईआर के तरह वैज्ञानिक प्रयोगशाला बनाते हुए इसे आयुष में सम्मिलित किये जाने पर जोर दिया गया।
  • -नगर पालिका (अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विस्तार) विधेयक, 2021 की स्थायी समिति की अनुशंसा नगर निकाय की समिति, जिसमें जनजातीय समुदायों का प्रतिनिधित्व हो की अनुशंसा नगर निकाय को बाध्यकारी होगी को विलोपित करने की अनुशंसा की गयी थी लेकिन विचारोपरांत उक्त प्रावधान को यथावत रखने की अनुशंसा भारत सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जनजातीय हितों की रक्षा के प्रतिकूल कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।
  • -झारखंड पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार नियामावली, 2022 के प्रारूप पर संबंधित विभागों एवं पक्षों से सम्यक विचारोपरांत निर्णय लिया जाएगा।
  • -जनजातीय समुदाय के युवाओं को पांच वर्ष से अधिक भुगतान अवधि के साथ ऋण प्रदान किये जाने के लिए अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन कराते हुए बैकों के साथ राज्य स्तरीय बैठक कर नीति बनायी जाएगी।
  • बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री-सह-टीएसी के उपाध्यक्ष चम्पाई सोरेन, विधायक-सह-टीएसी सदस्य प्रो. स्टीफन मरांडी, दीपक बिरुआ, दशरथ गगराई, विकास कुमार मुंडा, नमन बिक्सल कोनगाड़ी, राजेश कच्छप, सोनाराम सिंकू, शिल्पी नेहा तिर्की, मनोनीत सदस्य विश्वनाथ सिंह सरदार, जमल मुंडा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव के.श्रीनिवासन, सचिव केके.सोन, सचिव हिमानी पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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