-गरीबी के अभिशाप को मिटाने का संकल्प
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा के साथ-साथ वीरों की भूमि रही है। 15 नवंबर का दिन सिर्फ स्थापना दिवस के लिए नहीं, बल्कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती दिवस के रूप में भी मनाया जा रहा है। हमारे पूर्वजों ने यहां के लोगों के अस्तित्व और सम्मान के लिए अनेकों लड़ाइयां लड़ी। न कभी रुके न कभी थके। आप सभी के सहयोग से राज्य को अपने बलबूते सशक्त और मजबूत बनाएंगे। हेमन्त सोरेन मंगलवार को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती एवं झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
किसान परिवारों को देंगे सूखा राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण जैसे ही घटा, राज्य में एक और आपदा के रूप में सुखाड़ की समस्या आ खड़ी हुई। राज्य सरकार ने 226 प्रखंडों को चिन्हित कर सूखाग्रस्त घोषित करने का काम किया है। राज्य के किसानों को किस तरह राहत पहुंचाई जा सके, इस निमित्त कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तो किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिलते थे लेकिन इस बार हमारी सरकार ने समय से पहले किसान भाइयों को खाद और बीज उपलब्ध कराने का काम किया। हालांकि, बारिश ने साथ नहीं दिया। स्थिति यह हुई कि राज्य सुखाड़ की चपेट में है। हमारी सरकार ने राज्य के चिन्हित सूखाग्रस्त 226 प्रखंडों में लगभग 31 लाख किसान परिवारों को सूखा राहत हेतु 3500 रुपये की राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
नियुक्ति प्रक्रियाओं में आयी तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप की योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार के तहत पंचायत-पंचायत, गांव-गांव में शिविर का आयोजन किया गया। 20 वर्ष में किसी भी सरकार ने इस तरह के शिविर के आयोजन को नहीं देखा होगा। गांव में शिविर लगाकर यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आमजनों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों सहित कई वर्गों के समस्याओं का निदान करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार चल रही है। जेपीएससी के माध्यम से भी नियुक्तियां हुई हैं। पिछले दिनों झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से राज्य के 250 बच्चे-बच्चियों को अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों में 32 बच्चे ऐसे हैं जो बीपीएल परिवार से थे। इन 32 बच्चों में किसी के माता-पिता मजदूर तो किसी के माता-पिता किसान थे। ऐसे वर्गों के बच्चे बच्चियां राज्य सेवा में चयनित होकर अपने मां-बाप का नाम रोशन कर दिखाया है।
बच्चियों को दे रहे अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर राज्य सरकार काफी गंभीर है। हमने विशेषकर बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना शुरू की है। हमारी सरकार ने इस योजना से राज्य की 9 लाख बच्चियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत बच्चियों को लाभ दिया जा रहा है और 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें एक मुश्त 40 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हम ऐसी योजना बनाने जा रहे हैं, जिसमें जो बच्चियां इंजीनियर, डॉक्टर, वकील आदि बनना चाहती हैं उनकी पढ़ाई का सारा खर्च राज्य सरकार वाहन करेगी। उच्च शिक्षा के लिए भी सरकार छात्र-छात्राओं को मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश भर में झारखंड पहला ऐसा राज्य है जहां राज्य सरकार अपने खर्चे पर बच्चों को विदेश में पढ़ने के लिए भी भेज रही है। हमारी सरकार आने वाली पीढ़ी की नींव मजबूत करना चाहती है ताकि वह खुद अपना विकास करें और इस राज्य के विकास में भी अपना योगदान दे।
राज्य के लिए ऐतिहासिक मायने रखती है 11 नवंबर की तारीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य के लिए 11 नवंबर का दिन बहुत ही ऐतिहासिक दिन रहा है। 11 नवंबर के दिन ही सीएनटी कानून बना था। 11 नवंबर के दिन ही हमारी सरकार ने सरना धर्म कोड विधेयक को विधानसभा से पारित किया था और 11 नवंबर के दिन ही हमारी सरकार ने 1932 खतियान आधारित स्थानीयता और नियुक्ति तथा सेवाओं में आरक्षण वृद्धि का विधेयक पारित करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को आगे बढ़ने, मनोबल एवं स्वाभिमान के साथ जीने का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास हम सब लोग करें।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन, ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, श्रम, नियोजन तथा प्रशिक्षण विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन सहित कई गणमान्य अतिथि एवं वरीय पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।