रांची। भाजपा के राष्ट्रीय नेता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने कहा कि जमकर मलाई मारो यानी जेएमएम के नेतृत्व में चल रही महाठगबंधन सरकार ने पिछले पांच साल में लगभग 60 भ्रष्टाचार के काम किए।
वल्लभ सोमवार को मारू टावर स्थित मीडिया सेंटर में संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार का संकट इतना गंभीर हो गया है कि सरकारी छापों का सिलसिला समाप्त ही नहीं हो रहा है। नौ नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निजी सचिव सुनील श्रीवास्तव के यहां छापा इसका सबसे बड़ा उदहारण है। इनकम टैक्स ने श्रीवास्तव के 17 ठिकानों पर छापा मारा है। इस दौरान 150 करोड़ की बेनामी संपत्ति और दस्तावेज जब्त किये गए।
गौरव ने कहा कि आठ अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर छापे मारे, जिनमें अंचल अधिकारियों (सीओ) और जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) के निवास शामिल थे। इन छापों में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई, जो वित्तीय अनियमितताओं के व्यापक पैमाने को उजागर करती है। धनबाद डीटीओ सहित कांके और नामकुम के अंचल अधिकारियों पर ईडी की भूमि घोटाले की जांच को प्रभावित करने के लिए 5.71 करोड़ की डील करने के आरोप है।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड के खातों में धोखाधड़ी कर 56 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में गठित एसआईटी टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही एसआईटी की छापेमारी में 37 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
गौरव ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर ईडी ने अवैध खनन और भूमि घोटालों में मनी लॉन्डिंग के आरोप लगाए है, जिनमें 1,000 करोड़ से अधिक की अवैध आय का खुलासा हुआ है। अपने आप को धरती पुत्र कहने वाले हेमंत सोरेन ने आदिवासियों की 8.5 एकड़ जमीन अवैध तरीके से हड़प ली। इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार चार्जशीट किए गए दो लोग हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगी है पंकज मिश्रा को झामुमो का प्राथमिक वित्तीय प्रबंधक कहा जाता है और वह प्रमुख मामलों पर हेमंत सोरेन को सलाह देते रहे हैं।