मां-पत्नी बोलीं- ये फर्जी एनकाउंटर है, सीबीआइ जांच हो तभी मिलेगा इंसाफ
रांची। झारखंड के विवादित बोरियो नेता सूर्या हांसदा के कथित एनकाउंटर मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की एकल पीठ ने सूर्या की मां नीलमनी मुर्मू और पत्नी सुशील मुर्मू की याचिका पर सुनवाइ करते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाइ और एक सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में एनकाउंटर को “फर्जी” बताते हुए सीबीआइ जांच की मांग की गइ है। घटना 11 अगस्त की है, जब गोड्डा पुलिस ने दावा किया कि हथियार बरामदगी के दौरान सूर्या ने इंसास राइफल छीनी और भागने की कोशिश की; जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गइ। परिजनों का कहना है कि 10 अगस्त को देवघर के मोहनपुर थानाक्षेत्र के नवाडीह गांव से उसे गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन “सुनियोजित तरीके से मार डाला गया”।

सूर्या हांसदा 2009 से 2024 तक बोरियो विधानसभा सीट से लगातार चुनाव मैदान में रहा। शुरुआत बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा से हुइ, 2019 में भाजपा ने उसे टिकट दिया, लेकिन 2024 में टिकट कटने पर उसने जयराम महतो की झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से उम्मीदवारी की। याचिका में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, गोड्डा-देवघर एसपी समेत सभी को प्रतिवादी बनाया गया है। अदालत ने अगली सुनवाइ के लिए तारीख भी तय कर दी है; अब सरकार के जवाब का इंतजार है।

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