रांची। दोहरी राजनीति करनेवाले दलों ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया था, पर झारखंड की जनता ने इस बंद को नकार दिया। किसानों के भारत बंद में एक भी किसान झारखंड में सड़कों पर नहीं उतरा।
मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में यह बातें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहीं। श्री प्रकाश ने कहा कि जब किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था तो कहा गया था कि किसी राजनीतिक दल के व्यक्ति और पार्टी को प्रवेश नहीं करने देंगे। अब उनका चेहरा साफ हो गया है। श्री प्रकाश ने कहा कि जिस स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट पूर्व की यूपीए सरकार में धूल फांक रही थी उसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लागू किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मेनिफेस्टों में था कि वे सरकारी मंडियों को समाप्त करेंगे और एसेंसियल कमोडिटी एक्ट खत्म करके दूसरा कानून लायेंगे। नये कृषि कानूनों से मंडी समाप्त नहीं होगी, बल्कि किसान देश के किसी हिस्से में अपनी उपज बेच सकेंगे। कृषि कानून पर कांग्रेस विधवा विलाप कर रही है। एक ओर कांग्रेस किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रही है वहीं दूसरी ओर राज्य के कृषि मंत्री कहते हैं कि वे धान की खरीद नहीं करेंगे। इसके पीछे भी एक साजिश है। वे बिचौलियों की नयी व्यवस्था कायम करना चाहते हैं। भारत बंद में एक भी किसान कृषि कानूनों के विरोध में नजर नहीं आया। जनता ने बंद को विफल कर दिया। मुख्यमंत्री के बंद को सफल करने का आह्वान भी राज्य की जनता ने ठुकरा दिया।